“पापा मुझे बचाइए…” आखिरी कॉल के 3 घंटे बाद बेटी की मौत, परिजनों ने जताया हत्या का शक
झांसी से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है। यहां एक बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई—और उससे कुछ ही घंटे पहले उसने अपने पिता को रोते-बिलखते हुए मदद के लिए फोन किया था।
मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का है। 26 वर्षीय करिश्मा, जिसकी शादी दिसंबर 2024 में गुमनावारा निवासी रामजी यादव से हुई थी, अब इस दुनिया में नहीं रही। लेकिन उसकी मौत से पहले की आखिरी कॉल ने पूरे घटनाक्रम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन करिश्मा ने अपने पिता को फोन कर रोते हुए कहा—“पापा, ये लोग मुझे मार रहे हैं… मुझे बचा लीजिए…”। बेटी की ये चीखें सुनकर परिवार घबरा उठा, लेकिन वे कुछ कर पाते, उससे पहले ही करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत की खबर पहुंच गई।
करिश्मा के परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद से उसका जीवन ससुराल में नरक बन गया था। छोटी-छोटी बातों पर उसे ताने दिए जाते थे, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का कहना है कि ससुराल पक्ष की ओर से लगातार 10 से 12 लाख रुपये की दहेज मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर करिश्मा के साथ मारपीट की जाती थी और उसे प्रताड़ित किया जाता था।
परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ उत्पीड़न नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी, जिसके चलते उनकी बेटी की जान चली गई। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मौत के बाद उन्होंने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक ओर जहां परिवार अपनी बेटी को खोने के गहरे सदमे में है, वहीं दूसरी ओर वे न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते उनकी बेटी की पुकार पर ध्यान दिया जाता, तो शायद आज वह जिंदा होती।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। लेकिन करिश्मा की आखिरी कॉल अब भी गूंज रही है—एक ऐसी पुकार, जो मदद की थी, लेकिन शायद बहुत देर हो चुकी थी।










