इश्क का खौफनाक अंत: प्रेमिका की हत्या के बाद मासूम को भूसे में दबाकर जलाया
झांसी हत्याकांड: अवैध संबंध में बना खून का खेल, मां-बेटे की बेरहमी से हत्या

यूपी के झांसी जिले में दिल दहलाने वाला दोहरा हत्याकांड सामने आया है। इश्क का खौफनाक अंत हो गया। यहां प्रेमी ने प्रेमिका और उसके मासूम बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इसके बाद मासूम को भूसे में दबाकर जला दिया, प्रेमी का चेहरा पत्थर से बिगाड़ दिया और शव को गांव के बाहर फेंक दिया।
बरौटा गांव निवासी चतुर्भुज पटेल (40) उर्फ राजीव झांसी में रहकर ब्लिंकिट में काम करता था। उसका भाई संजीव ग्राम प्रधान रह चुका है। चतुर्भुज की पहली पत्नी नेहा की मौत के बाद वर्ष 2015 में उसने टहरौली निवासी हेमलता से शादी कर ली। हेमलता से उसे एक पुत्र है लेकिन, कुछ समय बाद हेमलता से उसका विवाद होने लगा। हेमलता उसे छोड़कर दिल्ली जाकर रहने लगी।

चतुर्भुज यहां अकेले रहता था। गांव का एक युवक गुरुग्राम में गार्ड है। उसके जरिये उसकी पहचान गुरुग्राम निवासी नीलू (35) से हो गई। नीलू शादीशुदा थी। उसके एक पुत्र कृष्णा (3) था। नीलू को भी उसके पति ने छोड़ दिया था। कुछ महीने पहले चतुर्भुज गुरुग्राम में जाकर नीलू के साथ रहने लगा था। चतुर्भुज पिछले सप्ताह नीलू एवं कृष्णा को लेकर यहां चला आया।
क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह के मुताबिक चतुर्भुज गुस्सैल के साथ सनकी स्वभाव का है। तीन अप्रैल की रात पैसों को लेकर उसका नीलू से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर शराब के नशे में चतुर्भुज ने पास में रखी कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ नीलू के सिर पर कई वार कर डाले। शोर शराबा सुनकर कृष्णा जागकर रोने लगा। उस समय भी चतुर्भुज के सिर पर खून सवार था। उसने कृष्णा को भी मौत के घाट उतार दिया। अपने कमरे में ही दोनों के शव को दिनभर रखे रहा। रात होने पर नीलू के शव को सड़क किनारे फेंक दिया जबकि कृष्णा के शव को रामस्वरूप के खेत में भूसे में दबा दिया था।











