चक्रधरपुर रेल मंडल में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, डिप्टी सीएसटीई 4 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार पीवीसी, आरए बिल और वैरिएशन फाइलों की मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, निजी कंपनी के प्रतिनिधियों समेत तीन गिरफ्तार
रिपोर्ट नवीन यादव
चक्रधरपुर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में बड़ी कार्रवाई करते हुए डिप्टी चीफ सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर (डिप्टी सीएसटीई) सत्यम कुमार को कथित तौर पर 4 लाख रुपये की नकद रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है।
पीवीसी, आरए बिल और वैरिएशन फाइलों की मंजूरी के बदले रिश्वत का आरोप
सीबीआई के अनुसार, यह पूरा मामला रेलवे के करोड़ों रुपये के सिग्नल एवं टेलीकॉम कार्यों से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि सत्यम कुमार द्वारा प्राइस वैरिएशन क्लॉज (पीवीसी) बिल, रनिंग अकाउंट (आरए) बिल और वैरिएशन फाइलों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी।
निजी कंपनी के प्रतिनिधियों से साठगांठ का आरोप
जांच के मुताबिक, रेलवे अधिकारी सत्यम कुमार ने कथित तौर पर निजी कंपनी एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर रिश्वतखोरी की साजिश रची थी। सीबीआई ने इस संबंध में 24 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया था।
कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
सीबीआई की कार्रवाई के दौरान डिप्टी सीएसटीई सत्यम कुमार के अलावा दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकार मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। सीबीआई मामले में आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
तीन राज्यों में सीबीआई की ताबड़तोड़ छापेमारी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपियों से जुड़े पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार स्थित कार्यालयों एवं आवासीय परिसरों पर छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।
अदालत में पेश किए जा रहे आरोपी
सीबीआई की कार्रवाई के बाद मामले की जांच आगे जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है। सीबीआई द्वारा बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच के आधार पर मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।










