84 लाख योनियां: शास्त्रों का सच या सदियों पुरानी मान्यता?
“84 लाख योनियों” का विचार पुराणों और लोकमान्यताओं में मिलता है। इसके लिए अक्सर यह संस्कृत श्लोक उद्धृत किया जाता है: जलजा नवलक्षाणि स्थावराः लक्षविंशति।कृमयो रुद्रसंख्यकाः पक्षिणां दशलक्षणम्॥त्रिंशल्लक्षाणि पशवः चतुर्-लक्षाणि … Read More










