डीआरएम अनिरुद्ध कुमार की मौजूदगी में ललितपुर स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य समय से पहले पूरा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग से रेल संचालन होगा अधिक सुरक्षित व सुगम
रिपोर्ट : नवीन यादव
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल ने रेल संरक्षा और परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ललितपुर स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य निर्धारित समय से पहले सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार स्वयं कार्यस्थल पर मौजूद रहे और पूरे कार्य की लगातार निगरानी करते हुए संरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा की।
डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ तकनीकी गतिविधियों, कार्य की प्रगति तथा संरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य के दौरान सभी निर्धारित तकनीकी प्रोटोकॉल और संरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए।
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य पूर्ण होने के बाद ललितपुर स्टेशन की पुरानी पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है। इससे सिग्नल एवं प्वाइंट संचालन की विश्वसनीयता बढ़ेगी, रेल परिचालन अधिक सुरक्षित होगा तथा विभिन्न परिचालन गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।
इस परियोजना के पूरा होने से बीना–धौलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित, सुगम और प्रभावी होगा। वहीं, ललितपुर स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध होने से स्टेशन की परिचालन क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या और रेल संचालन की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
झांसी मंडल ने इसी क्रम में देलवाड़ा–जीरोन रेलखंड में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इससे इस खंड पर रेल संचालन की गति, सुरक्षा और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
रेल प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट समन्वय, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, समयबद्ध योजना और “संरक्षा सर्वोपरि” के सिद्धांत के प्रति समर्पण का परिणाम है। समय से पहले कार्य पूरा होना झांसी मंडल की तकनीकी क्षमता और कार्यकुशलता का भी प्रमाण माना जा रहा है।










