झांसी NCRES की 28वीं मंडलीय स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) की बैठक में गूंजा सवाल—रेलवे अस्पताल में बच्चों का वार्ड कब शुरू होगा? वर्षों से डॉक्टर की कमी के चलते बंद है बच्चों का वार्ड, नवजात और बच्चों के इलाज पर संकट 338 पॉइंट्समैन पद खाली, 12 घंटे की ड्यूटी पर सवाल—गुमटियों में पानी-बिजली तक की समस्या 10 सूत्रीय मांगों पर डीआरएम ने दिया शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

 

झांसी। नार्थ सेंट्रल रेलवे इम्प्लाईज संघ (NCRES) की 28वीं मंडलीय स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) की दो दिवसीय बैठक 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को मंडल रेल प्रबंधक के सभागार में हुई। बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर रेल प्रशासन का ध्यान खींचा गया। सबसे प्रमुख सवाल रेलवे मंडल चिकित्सालय में वर्षों से बंद पड़े बच्चों के वार्ड को दोबारा शुरू कराने का रहा।

NCRES के मंडल सचिव गौरव श्रीवास्तव ने डीआरएम के समक्ष मुद्दा उठाते हुए बताया कि बच्चों के डॉक्टर की कमी के कारण वार्ड लंबे समय से बंद है। इससे रेल कर्मचारियों के बच्चों और नवजात शिशुओं को तत्काल उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। आपात स्थिति में परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने बच्चों के डॉक्टर की व्यवस्था कर वार्ड को जल्द शुरू कराने की मांग की। डीआरएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।

338 पद खाली—काम का दबाव बढ़ा

PNM में झांसी मंडल में पॉइंट्समैन के 338 रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी प्रमुखता से उठी। पॉइंट्समैन को अनिवार्य रूप से ट्राई-कलर टॉर्च उपलब्ध कराने, शीतकालीन गश्त की दूरी 16 से घटाकर 12 किलोमीटर करने और दोहरीकरण के बाद बढ़े कार्यभार को देखते हुए रोड साइड स्टेशनों पर 12 घंटे की ड्यूटी को आठ घंटे करने की मांग रखी गई।

कॉलोनियों से गुमटियों तक सुविधाओं का सवाल

रेल आवासीय कॉलोनियों में जलापूर्ति सुधारने तथा रेल आवासों में चार फीट बाउंड्रीवॉल और छत पर टीन शेड लगाने की मांग की गई। पामा, रसूलपुर, मलासा, भिंड, सोनी, गोहद और जोरा आदि स्टेशनों व गेटों की गुमटियों में पेयजल, बिजली, शौचालय और मरम्मत की व्यवस्था तत्काल कराने की मांग भी उठाई गई।

इसके अलावा रात्रि पाली में मरीजों को झांसी से बाहर रेफर करने की प्रक्रिया सुगम बनाने, अस्पताल में हेल्प डेस्क शुरू करने, लंबित मेडिकल बोर्ड का प्रतिदिन निस्तारण करने तथा इंजीनियरिंग विभाग के आर्टिजन और हेल्पर वर्ग के लंबित ड्रेस भत्ते व एरियर का भुगतान कराने की मांग की गई।

बैठक में NCRES के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विभिन्न शाखाओं की समस्याएं डीआरएम के सामने रखीं। रेल प्रशासन की ओर से समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।

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