हावड़ा आरपीएफ फुटबॉल में गैरहाजिरी, अब स्वान प्रतियोगिता में अग्निपरीक्षा! 21 से 27 अक्टूबर तक झांसी में जुटेंगे 70 स्वान, 16 जोन की आरपीएफ टीमें लेंगी हिस्सा मंडलीय स्तर पर चमके विक्टर-ब्रोनो, अब देशभर के स्वानों से मुकाबला—क्या उत्तर मध्य रेलवे दिखा पाएगा दम?

 

झांसी। पूर्वी रेलवे के हावड़ा में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में उत्तर मध्य रेलवे की टीम की गैरहाजिरी के बाद अब झांसी में प्रस्तावित अंतर क्षेत्रीय रेलवे स्वान प्रतियोगिता पर निगाहें टिक गई हैं। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर 21 से 27 अक्टूबर 2026 तक होने वाली प्रतियोगिता में भारतीय रेलवे के 16 जोन की आरपीएफ टीमें हिस्सा लेंगी। करीब 70 प्रशिक्षित स्वानों के इस बड़े मुकाबले की मेजबानी झांसी करेगी।

झांसी मंडल आरपीएफ ने प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशिक्षण स्थल, सुरक्षा, आवास, परिवहन, समन्वय और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के साथ तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

अंतर मंडलीय में दिखा दम, अब 16 जोन के सामने बड़ी परीक्षा

हाल में आयोजित अंतर मंडलीय स्वान प्रतियोगिता में उत्तर मध्य रेलवे के स्वानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। आगरा मंडल के विक्टर ने विस्फोटक खोज में पहला, जबकि झांसी मंडल के ब्रोनो ने दूसरा स्थान हासिल किया। इन उपलब्धियों के बाद अब अंतर क्षेत्रीय प्रतियोगिता में उत्तर मध्य रेलवे से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है।

हालांकि इस बार चुनौती कहीं बड़ी होगी। 16 जोन की आरपीएफ टीमें अपने प्रशिक्षित स्वानों के साथ झांसी पहुंचेंगी। विस्फोटक एवं नशीले पदार्थों की खोज, ट्रैकिंग तथा अन्य दक्षताओं में होने वाले मुकाबले स्वानों के साथ उनके प्रशिक्षकों की तैयारी की भी कड़ी परीक्षा लेंगे।

फुटबॉल में सवाल, अब स्वान प्रतियोगिता में जवाब?

हावड़ा की फुटबॉल प्रतियोगिता में उत्तर मध्य रेलवे की टीम की गैरहाजिरी के बाद खेल प्रतियोगिताओं में जोन की भागीदारी को लेकर सवाल उठे थे। अब झांसी में होने वाली अंतर क्षेत्रीय स्वान प्रतियोगिता उत्तर मध्य रेलवे के सामने अपनी तैयारियों और प्रतिस्पर्धी क्षमता साबित करने का बड़ा अवसर लेकर आई है।

झांसी के मैदान में होगी असली परीक्षा

अंतर मंडलीय प्रतियोगिता में झांसी और आगरा मंडल के स्वानों के पदक जीतने के बाद अब देशभर के 16 जोन के बीच उत्तर मध्य रेलवे के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। मेजबान झांसी में होने वाली यह प्रतियोगिता आरपीएफ के प्रशिक्षित स्वानों की दक्षता के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों की मेहनत और तैयारियों की भी कसौटी बनेगी।

अब सवाल सीधा है—हावड़ा के फुटबॉल मैदान से दूरी के बाद क्या झांसी के स्वान मैदान में उत्तर मध्य रेलवे अपनी मौजूदगी को दमदार प्रदर्शन में बदल पाएगा? करीब 70 स्वानों और 16 जोन की आरपीएफ टीमों के बीच क्या मेजबान झांसी का दस्ता बाजी मार पाएगा?

रिपोर्ट: नवीन यादव
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