बांधवगढ़ की शान ‘डॉटी’ की विदाई, नम आंखों से दी अंतिम सलामी 14 साल की बाघिन ने चार बार दिया शावकों को जन्म, वन विभाग ने पूरे सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार
उमरिया (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की शान और पर्यटकों की चहेती बाघिन ‘डॉटी’ (T-17) अब जंगल में दहाड़ती नजर नहीं आएगी। 14 वर्ष की उम्र में उसकी मौत से वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है। हाथियों से गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को मझखेता बीट में डॉटी का शव मिला।
चार बार बनी शावकों की मां, बढ़ाया बाघों का कुनबा
बांधवगढ़ की चर्चित बाघिनों में शुमार डॉटी ने अपने जीवनकाल में चार बार शावकों को जन्म दिया। उसने क्षेत्र में बाघों की आबादी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। पर्यटकों के बीच उसकी लोकप्रियता और जंगल में उसकी मौजूदगी ने उसे खास पहचान दिलाई थी।
जंगल की विरासत को नम आंखों से विदाई
डॉटी के निधन के साथ बांधवगढ़ के जंगल ने अपनी एक जानी-पहचानी पहचान खो दी। वन विभाग ने पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। कभी पर्यटकों के कैमरों में कैद होने वाली डॉटी अब यादों में रह जाएगी। उसकी विदाई ने वन्यजीव प्रेमियों को भावुक कर दिया। डॉटी का जीवन बांधवगढ़ में बाघों के संरक्षण और उनकी वंशवृद्धि की कहानी का अहम हिस्सा रहा।
रिपोर्ट: नवीन यादव
सम्पादक: आलोक प्रकाश
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