लोको शटडाउन से झांसी मंडल को करोड़ों की बचत, छह माह में बचे 8.97 करोड़ रुपये सितंबर में 1.43 करोड़ रुपये की बचत, डीजल खपत में 5.71 प्रतिशत की कमी; डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने ईंधन संरक्षण को बताया अहम कदम
झांसी। रेलवे में ईंधन की खपत पर नियंत्रण और परिचालन लागत घटाने की दिशा में झांसी मंडल ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। लोकोमोटिव को अनावश्यक रूप से चालू रखने पर रोक लगाकर जरूरत के अनुसार लोको शटडाउन अपनाने से मंडल ने सितंबर 2026 में 1 करोड़ 43 लाख 51 हजार 437 रुपये की बचत की। वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह माह में कुल बचत 8 करोड़ 97 लाख 74 हजार 182 रुपये तक पहुंच गई।
डीजल खपत में 5.71 प्रतिशत की गिरावट
ईंधन बचत के प्रयासों का असर डीजल खपत के आंकड़ों में भी दिखाई दिया। सितंबर 2026 में झांसी मंडल में 478 किलोलीटर हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) तेल की खपत हुई, जबकि सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 507 किलोलीटर था। इस प्रकार पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले खपत में 29 किलोलीटर की कमी और 5.71 प्रतिशत की बचत दर्ज की गई।
अनावश्यक ईंधन खपत पर लगाम
लोकोमोटिव के जरूरत से अधिक समय तक चालू रहने से डीजल की खपत होती रहती है। परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप लोको शटडाउन की व्यवस्था अपनाकर इस अतिरिक्त खपत को कम किया जा रहा है। इससे ईंधन पर होने वाले खर्च में कमी के साथ रेलवे के वित्तीय संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग संभव हो रहा है।
बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
डीजल की खपत कम होने से उसके दहन से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड सहित अन्य प्रदूषकों के उत्सर्जन को घटाने में भी मदद मिलती है। ऐसे में यह पहल रेलवे की परिचालन दक्षता बढ़ाने के साथ ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कार्यप्रणाली को भी मजबूती देती है।
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि ईंधन की खपत पर नियंत्रण और उपलब्ध संसाधनों का कुशल उपयोग रेलवे की कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंडल में इन प्रयासों के माध्यम से आर्थिक बचत, बेहतर संसाधन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
रिपोर्ट: नवीन यादव










