उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने पीएलबी बोनस की सीलिंग 21 हजार रुपये करने की उठाई मांग 78 दिन के बोनस के नाम पर महज 17,951 रुपये का भुगतान, आठवें वेतन आयोग को शीघ्र लागू करने की भी मांग
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ की आभासीय कार्यसमिति की बैठक जोनल अध्यक्ष हेमंत कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में रेल कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) की अधिकतम गणना सीमा बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री अनिल कुमार उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश यादव, भारतीय रेलवे मजदूर संघ के अखिल भारतीय महामंत्री संतोष पटेल, अखिल भारतीय संगठन मंत्री राधा बल्लभ त्रिपाठी और अखिल भारतीय उपाध्यक्ष आई.पी.एस. चौहान सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। संचालन महामंत्री कुन्दन कुमार सिंह ने किया।
छठे वेतन आयोग के आधार पर बोनस भुगतान पर सवाल
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि देश में सातवां वेतन आयोग लागू है और आठवें वेतन आयोग को लेकर भी मांग उठ रही है, लेकिन रेल कर्मचारियों के पीएलबी बोनस की गणना अब भी छठे वेतन आयोग के समय निर्धारित वेतन सीमा के आधार पर की जा रही है। संघ के अनुसार, 78 दिन के बोनस के नाम पर कर्मचारियों को केवल 17,951 रुपये मिल रहे हैं, जो मौजूदा महंगाई के दौर में उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।
संघ ने इसे कर्मचारियों के हितों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि बोनस की गणना सीमा में संशोधन समय की जरूरत है। भारतीय रेलवे मजदूर संघ और सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ की ओर से भी वित्त मंत्री, भारत सरकार को पत्र भेजकर तथा वार्ता के माध्यम से सीलिंग बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की गई है।
मांग नहीं मानी तो विरोध की चेतावनी
बैठक में कहा गया कि त्योहारों के दौरान बढ़ती महंगाई से रेल कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। यदि केंद्र सरकार बोनस की सीलिंग बढ़ाने की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, भारतीय रेलवे मजदूर संघ और भारतीय मजदूर संघ विरोध दर्ज कराएंगे। संघ ने इस मुद्दे का आगामी चुनावों पर भी असर पड़ने की बात कही।
इसके अलावा आठवें वेतन आयोग को शीघ्र लागू करने, ऑनलाइन ड्यूटी पास पर आरक्षण की सुविधा नहीं मिलने तथा कर्मचारियों की कमी के कारण काम का दबाव बढ़ने और उनके कथित शोषण जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
तीनों मंडलों के पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष निर्भय सिंह, उपाध्यक्ष मनोज कुमार झा और रुकमानन्द पाण्डेय, संयुक्त मंत्री बंशी बदन झा एवं बीना सिंह, कोषाध्यक्ष अजय सिंह सहित कार्यसमिति के सदस्य उपस्थित रहे।
झांसी मंडल मंत्री भानु प्रताप सिंह चंदेल, आगरा मंडल मंत्री उमाशंकर भारद्वाज, प्रयागराज मंडल मंत्री आशीष मिश्रा, मुख्यालय मंडल मंत्री प्रवीण नेवलकर और कारखाना मंडल मंत्री संतोष कुमार ने भी बैठक में भाग लिया। विशेष आमंत्रित सदस्यों में झांसी मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार गुप्ता, प्रयागराज मंडल अध्यक्ष सन्नी कुमार और आगरा मंडल अध्यक्ष हरिबल्लभ दीक्षित सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
रिपोर्ट: नवीन यादव
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