चार साल से फरार दो गैर-जमानती वारंटियों पर दतिया RPF का शिकंजा, टीम ने तड़के दबिश देकर दबोचा RPF प्रभारी अजय कुमार के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई, प्रधान आरक्षक चंद्रभान यादव और मनोज यादव की अहम भूमिका
दतिया/झांसी। रेलवे न्यायालय की तारीखों पर लगातार गैरहाजिर रहकर करीब चार वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहे दो गैर-जमानती वारंटी अभियुक्तों को आखिरकार दतिया रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मुस्तैद टीम ने गिरफ्तार कर लिया। RPF दतिया की इस कार्रवाई में सटीक सूचना तंत्र, रणनीतिक योजना और टीम के समन्वित प्रयासों की अहम भूमिका रही। दोनों आरोपियों को स्पेशल रेलवे कोर्ट, झांसी में पेश करने के बाद केंद्रीय कारागार, झांसी भेज दिया गया।
प्रभारी अजय कुमार ने बनाई रणनीति, टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
RPF दतिया प्रभारी अजय कुमार ने उच्चाधिकारियों के निर्देशन में फरार गैर-जमानती वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की। टीम में प्रधान आरक्षक चंद्रभान यादव और प्रधान आरक्षक मनोज यादव को शामिल किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मुखबिरों के माध्यम से सूचना तंत्र को सक्रिय किया और आरोपियों के छिपने के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
सूचनाओं के आधार पर टीम ने दतिया और झांसी में कार्रवाई करते हुए सुबह तड़के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। करीब चार वर्षों से फरार चल रहे वारंटियों की गिरफ्तारी RPF टीम की सतर्कता, लगातार प्रयास और प्रभावी कार्यशैली को दर्शाती है।
ये दोनों गैर-जमानती वारंटी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
1. शिवकुमार आदिवासी उर्फ ननकी आदिवासी (32 वर्ष), पुत्र रामखिलावान आदिवासी, निवासी डेरा गांधारी, थाना चिरूला, जिला दतिया, मध्य प्रदेश।
2. असगर खान (25 वर्ष), पुत्र बाबू खान, निवासी गोविन्द धर्मशाला के पास, थाना कोतवाली, जिला दतिया, मध्य प्रदेश।
दोनों आरोपी रेलवे न्यायालय में निर्धारित तारीखों पर पेश नहीं हो रहे थे और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी थे।
कोर्ट में पेशी के बाद केंद्रीय कारागार भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद RPF टीम ने दोनों अभियुक्तों को स्पेशल रेलवे कोर्ट, झांसी में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को केंद्रीय कारागार, झांसी भेज दिया गया।
RPF टीम की कार्रवाई से फरार वारंटियों में सख्त संदेश
दतिया RPF की इस कार्रवाई में प्रभारी अजय कुमार के नेतृत्व, प्रधान आरक्षक चंद्रभान यादव और प्रधान आरक्षक मनोज यादव की सक्रिय भूमिका तथा मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं का प्रभावी उपयोग महत्वपूर्ण रहा। चार वर्षों से फरार दोनों वारंटियों की गिरफ्तारी से रेलवे न्यायालय के वारंटों की तामील को लेकर RPF की सक्रियता सामने आई है। इस कार्रवाई से न्यायालय में तारीखों पर अनुपस्थित रहने वाले अन्य वारंटियों को भी कानून के प्रति जवाबदेही का स्पष्ट संदेश मिला है।
रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS










