ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते से 706 बच्चों को बचाया, ऑपरेशन नार्कोस में 3.44 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद उत्तर मध्य रेलवे के आरपीएफ की कार्रवाई, झांसी मंडल में 189 बच्चों को सुरक्षित बचाया और 13 मामलों में 79.70 लाख रुपये के मादक पदार्थ पकड़े
झांसी, 17 अक्टूबर। उत्तर मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने यात्रियों की सुरक्षा, बच्चों के संरक्षण और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2026 में 15 अक्टूबर तक ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत 706 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि ऑपरेशन नार्कोस के अंतर्गत 3.44 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए।
झांसी मंडल में 189 बच्चों को मिला संरक्षण
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अकेले, बिछड़े हुए अथवा सहायता की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते चलाया जा रहा है। इसके तहत उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में कुल 706 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इनमें प्रयागराज मंडल में 450, झांसी मंडल में 189 और आगरा मंडल में 67 बच्चे शामिल हैं। यह अभियान संकट में फंसे बच्चों की सहायता और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
ऑपरेशन नार्कोस में 45 मामले दर्ज
रेलवे परिसर और ट्रेनों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ ने ऑपरेशन नार्कोस के तहत निगरानी और कार्रवाई तेज की। 15 अक्टूबर तक उत्तर मध्य रेलवे में इस अभियान के अंतर्गत कुल 45 मामले दर्ज किए गए और 3,44,63,415 रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए।
मंडलवार आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज मंडल में 21 मामलों में 1,89,46,665 रुपये, झांसी मंडल में 13 मामलों में 79,70,300 रुपये तथा आगरा मंडल में 11 मामलों में 75,46,450 रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद हुए।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अभियान
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में रेल अपराधों की रोकथाम और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। मादक पदार्थों और प्रतिबंधित वस्तुओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं, रेलवे सुरक्षा बल के महानिरीक्षक प्रदीप कुमार गुप्ता बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा जरूरतमंद बच्चों की समय पर पहचान और सहायता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने पर बल दे रहे हैं।
उत्तर मध्य रेलवे का आरपीएफ यात्रियों की सुरक्षा, बच्चों के संरक्षण और रेल नेटवर्क के माध्यम से होने वाली अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इन अभियानों के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल रेल परिसर को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन कर रहा है।










