20 वर्ष या उससे अधिक नियमित सेवा वाले रेल कर्मचारियों को स्थानांतरण में बड़ी राहत रेलवे बोर्ड ने स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू की, अधिक सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को मिलेगा पहले अवसर

 

रिपोर्ट नवीन यादव
नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने 20 वर्ष या उससे अधिक नियमित सेवा पूरी कर चुके अराजपत्रित रेल कर्मचारियों के स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारी स्थानांतरण के लिए मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक माह की पहली तारीख को मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली द्वारा 20 वर्ष से अधिक नियमित सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों की प्राथमिकता सूची स्वतः तैयार की जाएगी। प्राथमिकता कर्मचारी की नियमित सेवा अवधि के आधार पर निर्धारित होगी। जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि अधिक होगी, उन्हें स्थानांतरण में पहले अवसर दिया जाएगा।

उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर स्थानांतरण आदेश मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से स्वतः जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था के तहत वर्तमान इकाई से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

यह नई व्यवस्था केवल स्थान परिवर्तन के लिए लागू होगी। इसके तहत कर्मचारी के संवर्ग अथवा विभाग में परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा परिचालन क्षेत्र से उत्पादन इकाई अथवा कार्यशाला में स्थानांतरण भी इस योजना के अंतर्गत नहीं किया जाएगा।

वहीं, 20 वर्ष से कम नियमित सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पहले से लागू स्थानांतरण प्रक्रिया ही जारी रहेगी, जिसमें संबंधित इकाई से अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित अन्य निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक होगा।

रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार यह नई व्यवस्था आदेश जारी होने के लगभग दो माह बाद मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली पर लागू की जाएगी। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से लंबे समय से सेवा कर रहे अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को अपने पसंदीदा स्थान पर स्थानांतरण पाने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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