दतिया और डबरा रेलवे स्टेशन के स्टॉलों से लेकर ट्रेनों की पैंट्रीकार तक पहुंच रही लोकल पानी की पेटियां, आखिर किसकी शह पर चल रहा है गोरखधंधा? झांसी मंडल में धड़ल्ले से बिक रहा लोकल पानी, जिम्मेदारों की खामोशी पर उठे सवाल

झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दतिया और डबरा रेलवे स्टेशनों पर कथित तौर पर अधिकृत ब्रांड के बजाय लोकल पानी की बोतलों की बिक्री किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं, सूत्रों के अनुसार ट्रेनों की पैंट्रीकार में भी बड़ी संख्या में लोकल पानी की पेटियां चढ़ाई जा रही हैं।

बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन के स्टॉलों से लेकर चलती ट्रेनों तक लोकल पानी की बिक्री का यह खेल कथित रूप से लंबे समय से जारी है। सवाल यह है कि जब रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं, तो फिर खुलेआम लोकल पानी की पेटियां स्टेशन और ट्रेनों तक कैसे पहुंच रही हैं?

यात्रियों का आरोप है कि रेलवे द्वारा निर्धारित मानकों और अधिकृत ब्रांडों को दरकिनार कर लोकल पानी की बिक्री की जा रही है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो सकता है। इसके साथ ही रेलवे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किसकी शह पर दतिया और डबरा स्टेशन पर लोकल पानी का कारोबार बेधड़क चल रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर आंखें बंद कर ली गई हैं? सूत्रों की मानें तो हजारों की संख्या में लोकल पानी की पेटियां ट्रेनों की पैंट्रीकार में चढ़ाए जाने की चर्चा है। यदि ऐसा है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाना बेहद जरूरी है।

रेल यात्रियों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि दतिया और डबरा रेलवे स्टेशन सहित संबंधित ट्रेनों की पैंट्रीकार में अचानक जांच अभियान चलाकर लोकल पानी की बिक्री और आपूर्ति की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि आखिर यह पानी कहां से आ रहा है और रेलवे परिसर तथा ट्रेनों तक इसे पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका है।

रिपोर्ट: नवीन यादव

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