माल लदान में झांसी मंडल ने लक्ष्य को पछाड़ा, राजस्व में भी रचा नया रिकॉर्ड! 4.07 मिलियन टन माल लदान से ₹442.29 करोड़ की कमाई, निर्धारित लक्ष्य से 7.01 प्रतिशत आगे डोलोमाइट-लौह अयस्क ने अगस्त में ही जोड़े ₹10.22 करोड़, माल यातायात बना कमाई का बड़ा आधार छतरपुर से डोलोमाइट और बरूआसागर से लौह अयस्क की जोरदार ढुलाई, नए माल स्रोतों से बढ़ी मंडल की ताकत

झांसी। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/फ्रेट नीरज भटनागर के नेतृत्व में झांसी मंडल द्वारा माल लदान और माल राजस्व बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त माह तक संचयी आधार पर मंडल ने 4.07 मिलियन टन माल लदान कर ₹442.29 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।

मंडल का निर्धारित लक्ष्य 4.04 मिलियन टन माल लदान और ₹413.32 करोड़ राजस्व का था। इस तरह झांसी मंडल ने लदान के लक्ष्य को 0.74 प्रतिशत तथा राजस्व के लक्ष्य को 7.01 प्रतिशत पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।

अगस्त में डोलोमाइट और लौह अयस्क से ₹10.22 करोड़ का राजस्व

अगस्त माह के माल लदान प्रदर्शन में डोलोमाइट और लौह अयस्क ने खास भूमिका निभाई। छतरपुर मालगोदाम से 24,594 टन डोलोमाइट का लदान किया गया, जिससे करीब ₹5.26 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं बरूआसागर से 16,233 टन लौह अयस्क का लदान कर लगभग ₹4.95 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया।

इस प्रकार अकेले अगस्त माह में इन दोनों प्रमुख माल मदों से मंडल को करीब ₹10.22 करोड़ का राजस्व मिला।

संचयी उपलब्धि में भी दोनों माल मदों का अहम योगदान

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त तक 1,06,209 टन डोलोमाइट का लदान किया गया, जिससे करीब ₹21.13 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसी अवधि में 28,478 टन लौह अयस्क के लदान से लगभग ₹9.17 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया।

डोलोमाइट और लौह अयस्क से संचयी रूप से मंडल को करीब ₹30.30 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।

अन्य माल मदों में भी दर्ज हुई उत्साहजनक वृद्धि

माल लदान के अन्य क्षेत्रों में भी झांसी मंडल ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। अगस्त माह में पिछले वर्ष की तुलना में Ballast RMC के लदान में 109.19 प्रतिशत, Ballast Pub में 144.21 प्रतिशत तथा RMC में 23.18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं E/Oil के लदान में 23.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

माल लदान में यह वृद्धि दर्शाती है कि झांसी मंडल पारंपरिक माल यातायात के साथ-साथ नए और उभरते माल स्रोतों को रेल परिवहन से जोड़ने पर भी लगातार जोर दे रहा है।

मंडल द्वारा माल ग्राहकों के साथ निरंतर संपर्क एवं समन्वय, नए माल स्रोतों की पहचान, उपलब्ध रेल सुविधाओं का बेहतर उपयोग और माल परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। डोलोमाइट और लौह अयस्क जैसे प्रमुख माल यातायात का जुड़ना मंडल की माल लदान रणनीति की सफलता को दर्शाता है। इससे आने वाले समय में माल लदान और राजस्व में और वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

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