भिंड स्टेशन पर संरक्षा का पाठ, 50 रेलकर्मियों को हॉट एक्सल से एसपीएडी तक सुरक्षा के गुर
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। रेल संचालन में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए झांसी मंडल के भिंड स्टेशन पर 26 सितंबर को संरक्षा सेमिनार आयोजित कर रेल कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के निर्देश और वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गिरीश कंचन के निर्देशन में आयोजित सेमिनार में लोको एवं विद्युत विभाग के संरक्षा सलाहकारों सहित करीब 50 रेल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
सेमिनार में रेल संचालन से जुड़े कई संवेदनशील पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से ट्रेनों में हॉट एक्सल की पहचान और उस पर तत्काल कार्रवाई को महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया। कर्मचारियों को आग से बचाव तथा आग लगने की स्थिति में आवश्यक कदम उठाने की जानकारी भी दी गई।
इसके अलावा डीसी/आरसी मेमो के महत्व, सिग्नल को खतरे की स्थिति में पार करने यानी एसपीएडी से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर चर्चा हुई। ऊपरी विद्युत तार प्रणाली ओएचई के रखरखाव के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया गया।
सेमिनार में प्वाइंट एवं क्रॉसिंग के सही रखरखाव तथा शंटिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी दी गई। रेल संचालन के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने पर विशेष जोर दिया गया।
संरक्षा सेमिनार की अध्यक्षता संरक्षा सलाहकार/लोको झांसी केके द्विवेदी ने की। आयोजन का उद्देश्य रेल कर्मचारियों को संभावित जोखिमों के प्रति सजग करना तथा सुरक्षित रेल संचालन के लिए आवश्यक संरक्षा नियमों और सावधानियों की जानकारी देना रहा।










