बांदा में वंदे भारत की खिड़की पर पत्थरबाजी, 12 वर्षीय बाल अपचारी निकला आरोपी सी-4 कोच की सीट 23-24 के पास पत्थर लगने से टूटा कांच, आरपीएफ ने दर्ज की थी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट
रिपोर्ट नवीन यादव
बांदा। खजुराहो से बनारस जा रही गाड़ी संख्या 26505 वंदे भारत एक्सप्रेस में 29 सितंबर को कांच की खिड़की पर पत्थर लगने से शीशा टूटने के मामले में आरपीएफ की जांच में 12 वर्षीय बाल अपचारी का नाम सामने आया है।
आरपीएफ के अनुसार, 29 सितंबर को वंदे भारत एक्सप्रेस के सी-4 कोच में सीट संख्या 23 और 24 के पास खिड़की के कांच पर पत्थर लगा था। पत्थर लगने से कांच टूट गया। घटना के संबंध में आरपीएफ पोस्ट बांदा पर रेलवे अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच में सामने आई बाल अपचारी की भूमिका
जांच के दौरान बृहस्पतिवार को आरपीएफ को घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में पता चला कि कथित तौर पर घटना में गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 12 वर्षीय बाल अपचारी शामिल था। इसके बाद आरपीएफ ने नियमानुसार बाल अपचारी के संबंध में कार्रवाई की।
किशोर न्याय बोर्ड में पेशी
आरपीएफ के अनुसार, बाल अपचारी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत बॉन्ड भरवाकर उसे छोड़ दिया गया। मामले में आगे की कार्रवाई किशोर न्याय से संबंधित प्रावधानों के अनुसार की गई।
रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं गंभीर मानी जाती हैं। इस मामले में आरपीएफ की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ दर्ज प्रकरण में बाल अपचारी की भूमिका सामने आई है।










