पुष्पक एक्सप्रेस में चार यात्रियों पर हमला करने वाले नेपाली युवक की मौत, आरपीएफ के चार कर्मचारी निलंबित

रिपोर्ट नवीन यादव

उन्नाव में हिरासत के दौरान खुद को धारदार हथियार से घायल करने का मामला; हालत गंभीर होने पर हैलट अस्पताल किया गया था रेफर

उन्नाव, 16 अक्टूबर। लखनऊ से कानपुर जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में एक महिला समेत चार यात्रियों पर धारदार हथियार से हमला करने के आरोपी नेपाली युवक की मौत हो गई। मंगलवार रात उन्नाव रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने उसे हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान युवक ने कथित तौर पर अपने गले पर धारदार हथियार से कई वार कर खुद को घायल कर लिया। गंभीर हालत में उसे पहले जिला अस्पताल और फिर कानपुर के हैलट अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी समेत चार कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की खबर है।

विरोध करने पर यात्रियों पर किया हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लखनऊ से कानपुर जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में मंगलवार रात नेपाली युवक कथित तौर पर नशे की हालत में यात्रियों से गाली-गलौज और अभद्रता कर रहा था। यात्रियों ने जब इसका विरोध किया तो उसने ब्लेड जैसे धारदार हथियार से हमला कर दिया। घटना में एक महिला सहित चार यात्री घायल हो गए।

घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दी। ट्रेन के रात करीब 10:20 बजे उन्नाव रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम अनिल बताया। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद उसे आरपीएफ पोस्ट ले जाया गया।

हिरासत के दौरान खुद को किया घायल

रिपोर्ट के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट पर हिरासत में रहने के दौरान युवक ने अपने गले पर धारदार हथियार से कई वार कर लिए। रात करीब 11 बजे आरपीएफ कर्मियों ने उसे घायल अवस्था में देखा। इसके बाद उपनिरीक्षक सुरजीत सिंह और अन्य कर्मी उसे उन्नाव जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई।

युवक की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया। खबरों के मुताबिक, घटना के संबंध में आरपीएफ उन्नाव के पोस्ट प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार, उपनिरीक्षक सुरजीत सिंह समेत चार कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

हिरासत में मौत से उठे जवाबदेही के सवाल

रेलवे परिसर में यात्रियों पर हमले की घटना और उसके बाद हिरासत में आरोपी की मौत, दोनों ही गंभीर मामले हैं। एक ओर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा का सवाल है, तो दूसरी ओर हिरासत में लिए गए व्यक्ति की निगरानी, सुरक्षा और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में है।

अब मामले में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि युवक के पास धारदार हथियार कैसे पहुंचा, घटना किन परिस्थितियों में हुई और उसे बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए। हिरासत में मौत के कारणों तथा संबंधित कर्मचारियों की भूमिका का निर्धारण जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर किया जाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *