आपत्तिजनक पोस्टरों के पीछे ‘धनदाता’ कौन? अखिलेश यादव ने सरकार से मांगा जवाब बोले—सवाल यह नहीं कि पोस्टर कौन लगा रहा है, बल्कि यह है कि इन्हें लगवा कौन रहा है : भाजपा सरकार प्रशासन का मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाए, सरेआम लगे पोस्टर क्यों नहीं दिख रहे? — अखिलेश यादव का तंज
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आपत्तिजनक पोस्टरों को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि ऐसे पोस्टर कौन लगा रहा है, बल्कि यह है कि इन्हें लगवाने वाला कौन है और इनके पीछे धन मुहैया कराने वाले लोग कौन हैं।
अखिलेश यादव ने सरकार से पोस्टरों के पीछे कथित तौर पर धन उपलब्ध कराने वालों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के पोस्टर सरेआम लगाए जा रहे हैं, तो पुलिस और स्थानीय प्रशासन को वे दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को अपने प्रशासन का मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाना चाहिए, ताकि उसे ये पोस्टर दिखाई देने लगें।
पीडीए समाज की एकजुटता का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में दावा किया कि पीडीए समाज के सम्मान को पहुंचने वाली ठेस उसकी एकजुटता को और मजबूत करेगी। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि संभव हो तो उत्तर प्रदेश के हर प्रमुख चौराहे पर ऐसे पोस्टर अधिक से अधिक लगवाए जाएं। उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाओं से पीडीए समाज और अधिक संगठित होकर एकजुट होगा।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा, “पीडीए समाज के मान को पहुंचेगी जितनी ठेस, उतना ही पीडीए समाज होगा संगठित और एक।”










