रेलवे का शिकंजा: पैंट्रीकार में तय सीमा से ज्यादा वेंडर मिले तो कंपनी पर हो सकती है कार्रवाई, बिना अनुमति पेठा बेचने वाले भी रडार पर
सूत्रों के मुताबिक, सभी मंडलों में खानपान निरीक्षकों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश; नियमों के उल्लंघन पर जवाबदेही तय करने की तैयारी
झांसी। ट्रेनों में खानपान व्यवस्था के नाम पर मनमानी करने वाले वेंडरों और निर्धारित सीमा से अधिक कर्मचारियों की तैनाती करने वाली लाइसेंसी कंपनियों पर रेलवे शिकंजा कसने की तैयारी में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पैंट्रीकार एवं साइड पैंट्री में तय मानकों से अधिक वेंडर मिलने पर संबंधित लाइसेंसी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, बिना अनुमति पेठा सहित अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेता भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, रेलवे के विभिन्न मंडलों में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधकों (सीनियर डीसीएम) ने खानपान निरीक्षकों को निगरानी बढ़ाने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान पैंट्रीकार एवं साइड पैंट्री में तैनात वेंडरों की संख्या, उनके अनुमति-पत्र और खानपान सेवाओं से संबंधित निर्धारित मानकों की जांच पर जोर दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
बिना अनुमति पेठा बिक्री पर भी नजर
रेलवे की निगरानी केवल पैंट्रीकार तक सीमित नहीं रहने की बात सामने आई है। ट्रेनों में बिना निर्धारित अनुमति के पेठा और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की जा सकती है। जिन विक्रेताओं को संबंधित सामग्री बेचने की अनुमति नहीं है, उनकी गतिविधियों की जांच कर नियमानुसार कदम उठाए जाने की संभावना है।
लाइसेंसी कंपनियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
निर्धारित सीमा से अधिक वेंडर मिलने या अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लाइसेंसी कंपनी की जवाबदेही तय हो सकती है। रेलवे का उद्देश्य खानपान सेवाओं में नियमों का पालन सुनिश्चित करना, अनधिकृत बिक्री पर अंकुश लगाना और यात्रियों को व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
फिलहाल यह खबर सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है। रेलवे बोर्ड के मूल आदेश अथवा संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान की पुष्टि उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई के प्रावधानों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।










