तरबूज खाने से एक परिवार में 4 लोगों की मौत! क्या सचमुच जानलेवा बन सकता है गर्मियों का यह फेवरेट फ्रूट?
गर्मियों के लिए तरबूज भले ही बेहद फायदेमंद है, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए, तो इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा भी रहता है।
इस दुखद घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है—क्या गर्मियों में “अमृत” माना जाने वाला तरबूज जानलेवा भी बन सकता है? क्या इससे इतनी गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए फरीदाबाद स्थित अमृता हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. मोहित शर्मा से बातचीत की गई।
डॉ. शर्मा के अनुसार, तरबूज खुद में खतरनाक नहीं होता, बल्कि उसकी खराब हैंडलिंग और स्वच्छता की कमी उसे जोखिम भरा बना देती है। तरबूज का बाहरी छिलका मिट्टी, बैक्टीरिया और कीटाणुओं से भरा हो सकता है। जब इसे बिना धोए काटा जाता है, तो यही बैक्टीरिया अंदर के गूदे तक पहुंच जाते हैं। खासकर सड़क किनारे पहले से कटे हुए फल या खुले में रखा जूस सबसे ज्यादा खतरनाक होता है।
उन्होंने बताया कि अगर तरबूज लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा रहे, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है। इसके लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और डिहाइड्रेशन शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए।
डॉक्टर की सलाह है कि तरबूज को हमेशा काटने से पहले अच्छे से धोएं, साफ चाकू का इस्तेमाल करें और कटे हुए फल को तुरंत फ्रिज में रखें। अगर स्वाद या गंध में जरा भी बदलाव लगे, तो उसे बिल्कुल न खाएं।










