झांसी मंडल के खुरहंड-अतर्रा-बदौसा नव दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेलखंड पर 25 केवी एसी कर्षण प्रणाली का प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर ने किया निरीक्षण
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे का झांसी मंडल यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा रेल परिचालन को अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए आधारभूत संरचना के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में 21 जुलाई 2026 को खुरहंड-अतर्रा-बदौसा रेलखंड में नव निर्मित दूसरी 21.267 किलोमीटर लंबी बड़ी लाइन पर 25 केवी एसी विद्युत कर्षण प्रणाली का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। नव विद्युतीकृत रेलखंड का निरीक्षण उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर जे. सी. एस. बोरा ने किया।
निरीक्षण के दौरान परख निरीक्षण यान एवं टावर वैगन के माध्यम से विद्युत कर्षण प्रणाली से संबंधित विभिन्न अवसंरचनाओं एवं उपकरणों का गहन परीक्षण किया गया। इसमें समपार फाटक, स्विचिंग प्वाइंट, ओएचई खंभे, ऊपरी विद्युत तार तथा अन्य आवश्यक विद्युत प्रतिष्ठानों की बारीकी से जांच की गई। साथ ही सभी उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण करते हुए उनकी प्रभावशीलता का आकलन किया गया।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर जे. सी. एस. बोरा ने स्टेशनों पर उपलब्ध रेल अवसंरचना, विद्युत प्रतिष्ठानों तथा परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही संरचनात्मक एवं परिचालन सुरक्षा से संबंधित पहलुओं की भी समीक्षा की गई।
इस परीक्षण का उद्देश्य रेल परिचालन की संरक्षा, विश्वसनीयता तथा विद्युत कर्षण प्रणाली की दक्षता का मूल्यांकन करना था। निरीक्षण एवं परीक्षण के परिणाम संतोषजनक पाए गए। खुरहंड-अतर्रा-बदौसा रेलखंड पर विद्युत कर्षण प्रणाली के आरंभ होने से रेल परिचालन अधिक पर्यावरण-अनुकूल, किफायती एवं दक्ष बनेगा। इससे रेलगाड़ियों के संचालन में गति आएगी, ईंधन व्यय में कमी होगी तथा यात्रियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) पी. पी. शर्मा, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर/टीआरडी सतबीर सिंह, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर/सामान्य अशोक प्रिय गौतम, मुख्यालय से निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी, निरीक्षक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।










