झांसी में साइबर फ्रॉड करने वाले सात गिरफ्तार, चाइनीज वेबसाइट से करते थे ठगी
झांसी पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और चाइनीज वेबसाइटों के जरिए 4.35 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को निवेश के नाम पर लालच देकर किराए के खातों में पैसे मंगवाता था।
चाइनीज वेबसाइट के जरिये लोगों से इन्वेस्टमेंट के नाम पर म्यूल खातों (किराये पर लिये गए खाते) में रकम मंगाकर उसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म व ऑनलाइन कैसीनों के जरिये क्रिप्टोकरेंसी, डालर व युआन में बदलकर मनी लांड्रिंग करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गिरोह द्वारा 25 दिन में 19 बैंक खातों से की गई 4.35 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने पत्रकारों को बताया कि एक शिकायत के आधार पर इस गिरोह को पकड़ा गया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी से जुड़े हैं। इसी आधार पर हुई छापेमारी में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरोह का सरगना ध्रुव चाइनीज वेबसाइट सीईएसएचआई व टीटीटीपीवाईएम.कॉम व ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म 1बीआइईटी, कैसीनों के माध्यम से साइबर फ्राड कर धनराशि किराए पर लिए गए अलग-अलग बैंक खातों में मंगाता था।
गिरोह का सदस्य रागिब अहमद इंडोनेशिया के सिमकार्ड का उपयोग कर विभिन्न व्यक्तियों से प्राप्त बैंक खातों की यूपीआइ व नेट बैंकिंग से उनकी जानकारी विदेशी वाट्सएप नंबर के माध्यम से मुख्य संचालक तक पहुंचाता था।
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पूरा गिरोह ऑनलाइन गेमिंग साइट के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर रिचार्ज एवं पाइंट्स खरीदने के लिए प्रेरित करता था। इस साइबर फ्राड से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंकों में जमा कराया जाता था। गिरोह का मास्टर माइंड इंदौर का रहने वाला ध्रुव है, जो फरार है।
गिरोह के सदस्य सनी अमरया, सोहिल खान, अनुभव सिंह, दानिश उर्फ नूर सौरभ विश्वकर्मा एवं देवेश गौतम बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे। आरोपी हर्ष बैंक खातों से लिंक सिमकार्ड उपलब्ध कराता था। साइबर फ्राड से मिली धनराशि को सलाम द्वारा यूएसडीटी (डालर) में बदलकर विभिन्न खातों में भेजते थे, ताकि धनराशि ट्रेस न हो सके।










