पति-पत्नी को अलग तैनाती देना अब आसान नहीं, रेलवे बोर्ड ने जारी किए नए सख्त निर्देश गैर-राजपत्रित रेल कर्मचारियों को एक ही स्टेशन पर रखने का प्रयास अनिवार्य, पद उपलब्ध होने पर साथ तैनाती पर जोरराजपत्रित अधिकारियों पर लागू नहीं होगा यह आदेश
रिपोर्ट नवीन यादव
नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों के पति-पत्नी को एक ही स्थान पर तैनात करने के संबंध में पुराने निर्देशों को संशोधित करते हुए नए समेकित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पति-पत्नी को पारिवारिक जीवन और बच्चों की देखभाल में सुविधा देने के उद्देश्य से उन्हें यथासंभव एक ही स्टेशन पर तैनात करने के प्रयास किए जाएं।
रेलवे बोर्ड का यह आदेश आरबीई संख्या 63/2026 तथा पत्र संख्या E(NG)I-2009/TR/29 (E-3079813) के माध्यम से जारी किया गया है।
एक ही वरिष्ठता इकाई में हैं तो साथ तैनाती का प्रयास
बोर्ड के अनुसार यदि पति-पत्नी दोनों रेलवे कर्मचारी हैं और एक ही वरिष्ठता इकाई से संबंधित हैं तथा एक ही विभाग में कार्यरत हैं, तो संबंधित स्तर का पद उपलब्ध होने पर उन्हें एक साथ तैनात किया जाना चाहिए। हालांकि यह सुनिश्चित करना होगा कि पति या पत्नी में से कोई भी दूसरे के अधीनस्थ के रूप में कार्य न करे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को सामान्य पारिवारिक जीवन जीने और विशेष रूप से बच्चों की देखभाल में सुविधा प्रदान करना है।
अलग वरिष्ठता इकाई होने पर भी रास्ता खुला
यदि पति-पत्नी दोनों रेलवे कर्मचारी हैं, लेकिन उनकी वरिष्ठता इकाइयां अलग-अलग हैं, तो रेलवे प्रशासन को दोनों को ऐसे स्टेशन पर तैनात करने का प्रयास करना होगा, जहां संबंधित वरिष्ठता इकाइयों में उपयुक्त स्तर के पद उपलब्ध हों।
ऐसा संभव नहीं होने पर श्रेणी परिवर्तन के अनुरोध पर अन्य नियमों को ध्यान में रखते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है।
दूसरा जीवनसाथी केंद्रीय सेवा में है तो भी सुविधा
यदि पति-पत्नी में से एक रेलवे कर्मचारी है और दूसरा अखिल भारतीय सेवा अथवा किसी अन्य केंद्रीय सेवा में कार्यरत है, तो रेलवे कर्मचारी को उस स्टेशन या स्थान पर तैनात करने का प्रयास किया जाएगा, जहां उसका जीवनसाथी कार्यरत है।
यदि उस स्थान पर रेलवे की कोई व्यवस्था या पद उपलब्ध नहीं है तो यथासंभव निकट स्थान पर तैनाती का प्रयास किया जाएगा।
राज्य सेवा में कार्यरत जीवनसाथी के लिए भी प्रावधान
यदि एक पति या पत्नी रेलवे कर्मचारी है और दूसरा राज्य सेवा में कार्यरत है, तो रेलवे कर्मचारी को उस रेलवे, मंडल या उत्पादन इकाई के क्षेत्राधिकार वाले स्थान पर तैनात करने का प्रयास किया जाएगा, जहां उसके जीवनसाथी की तैनाती है।
यदि यह संभव नहीं होता और संबंधित प्राधिकारी से अनुरोध प्राप्त होता है तो मामले को संबंधित प्राधिकारी के समक्ष सहानुभूतिपूर्वक विचार के लिए भेजा जा सकता है।
सार्वजनिक उपक्रम में कार्यरत जीवनसाथी के लिए भी सुविधा
यदि रेलवे कर्मचारी का पति या पत्नी किसी केंद्रीय अथवा राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में कार्यरत है, तो रेलवे कर्मचारी अपने नियंत्रक अधिकारी से जीवनसाथी के कार्यस्थल पर तैनाती का अनुरोध कर सकता है।
पद उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में रेलवे कर्मचारी को जीवनसाथी के कार्यस्थल के निकट तैनात करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासनिक कारण बताकर आवेदन रोकने पर कारण बताना होगा
रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जीवनसाथी के तैनाती स्थल पर पद उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर कर्मचारी को वहां तैनात नहीं किया जाता है, तो कैडर नियंत्रक प्राधिकारी को कर्मचारी को जीवनसाथी के स्टेशन पर तैनात करने का प्रयास करना चाहिए।
यदि ऐसा करना संभव नहीं है तो इसके विशिष्ट कारण कर्मचारी को बताए जाने चाहिए।
शिकायत पर अब उच्च अधिकारी करेंगे फैसला
बोर्ड ने गैर-अनुपालन की शिकायतों के निस्तारण के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। निर्देशों का पालन नहीं होने संबंधी शिकायतों पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी, जहां लागू हो, मूल निर्णय लेने वाले अधिकारी से कम से कम एक स्तर ऊपर के अधिकारी को दी गई है।
ऐसी सभी शिकायतों और अभ्यावेदनों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाना है।
हर मंडल और जोन में अलग रजिस्टर बनेगा
रेलवे बोर्ड ने प्रत्येक मंडल और जोनल मुख्यालय में ऐसे अनुरोधों के लिए अलग रजिस्टर रखने के निर्देश दिए हैं। इसमें वे आवेदन दर्ज किए जाएंगे, जिनमें रेलवे कर्मचारी ने अपने पति या पत्नी के कार्यस्थल पर तैनाती की मांग की है।
इन अनुरोधों की समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी।
महिला रेल कर्मचारियों को भी समान लाभ
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जहां केवल पत्नी रेलवे कर्मचारी है, वहां भी उपरोक्त रियायतें और सुविधाएं रेलवे कर्मचारी पर लागू होंगी।
राजपत्रित अधिकारियों पर लागू नहीं होगा यह आदेश
नए निर्देश गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों के पति-पत्नी की एक ही स्थान पर तैनाती के लिए हैं। राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती के मामले में रेलवे बोर्ड के अलग निर्देश लागू रहेंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व आदेश के तहत पहले से तय किए गए ऐसे मामलों को, केवल इसलिए दोबारा नहीं खोला जाएगा कि वे नए संशोधित निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं।
रेलवे बोर्ड आदेश: RBE No. 63/2026
पत्र संख्या: E(NG)I-2009/TR/29 (E-3079813)
रिपोर्ट: नवीन यादव










