आरपीएफ-जीआरपी के दो मुखिया संभाल रहे मोर्चा, गांजा-शराब तस्करों से चोरों तक पर शिकंजा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जितेन्द्र कुमार शर्मा और आईपीएस पुलिस अधीक्षक विपुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में रेल यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी दो प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर मजबूती से संभाल रही हैं। एक ओर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जितेन्द्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल मोर्चा संभाले हुए है, तो दूसरी ओर आईपीएस अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जीआरपी अनुभाग विपुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में राजकीय रेलवे पुलिस रेलवे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी निभा रही है।
दोनों विभागों की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं, लेकिन लक्ष्य एक—रेल यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और रेलवे परिसरों में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना। झांसी मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।
आरपीएफ द्वारा रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और रेलवे से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं जीआरपी द्वारा रेलवे क्षेत्र में होने वाले आपराधिक मामलों में कार्रवाई, अपराधियों की धरपकड़ और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इन अभियानों के दौरान गांजा और शराब की तस्करी से जुड़े मामलों के साथ चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हुआ है। कार्रवाई से रेलवे क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों और तस्करों पर दबाव बढ़ा है। सुरक्षा बलों की सक्रियता का असर स्टेशनों और ट्रेनों में दिखाई दे रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दोनों विभागों की टीमें अपने-अपने क्षेत्राधिकार में लगातार सक्रिय हैं। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर निगरानी, आवश्यक जांच तथा सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने का प्रयास किया जा रहा है।
आरपीएफ और जीआरपी की यह दोहरी सुरक्षा व्यवस्था झांसी मंडल के लिए महत्वपूर्ण है। एक तरफ रेलवे संपत्ति और सुरक्षा की जिम्मेदारी, दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण—दोनों मोर्चों पर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता से यात्रियों का भरोसा मजबूत हो रहा है।










