हाइट बैरियर में फंसा टैंक, चित्रा चौराहा पर देर रात लगा जाम रेलवे पुल की सुरक्षा के लिए लगाए बैरियर ने रोका ऊंचाई से अधिक वाहन टैंक फंसने से सीपरी बाजार मार्ग पर आवागमन हुआ प्रभावित बड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया भारी वाहन, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
झांसी। चित्रा चौराहा स्थित सीपरी बाजार रेलवे पुल के नीचे मंगलवार देर रात एक टैंक हाइट बैरियर में फंस गया। भारी वाहन के फंसने के बाद मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। काफी मशक्कत के बाद टैंक को बैरियर से बाहर निकाला जा सका, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
रेलवे पुल अथवा अंडरपास के नीचे से निर्धारित ऊंचाई से अधिक ऊंचे और भारी वाहनों को गुजरने से रोकने के लिए हाइट बैरियर लगाए जाते हैं। इसका उद्देश्य यह होता है कि कोई ऊंचा वाहन सीधे रेलवे पुल की संरचना से न टकराए और पुल को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
चित्रा चौराहा क्षेत्र में टैंक के हाइट बैरियर में फंसने के बाद देर रात कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। मौके पर वाहन को निकालने के लिए काफी प्रयास करना पड़ा। भारी वाहन के फंसने से सड़क पर अन्य वाहनों की कतार लगने की स्थिति भी बनी।
हाइट बैरियर क्यों जरूरी?
रेलवे अंडरब्रिज के आसपास लगाए गए हाइट बैरियर एक तरह की सुरक्षा युक्ति हैं। इनके माध्यम से निर्धारित ऊंचाई से अधिक ऊंचे वाहनों को पहले ही रोक दिया जाता है, ताकि वे रेलवे पुल की मुख्य संरचना से न टकराएं।
इसके साथ वाहन चालकों को पुल की निर्धारित अधिकतम ऊंचाई की जानकारी देने के लिए चेतावनी बोर्ड और ऊंचाई संकेतक स्पष्ट रूप से लगाए जाना जरूरी है। खासकर भारी वाहनों के चालकों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
चित्रा चौराहा की घटना ने यह भी दिखाया कि हाइट बैरियर के बावजूद ऊंचाई से अधिक वाहन इस मार्ग तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में संबंधित विभागों द्वारा ऊंचाई संकेतक, चेतावनी बोर्ड और बैरियर की दृश्यता की नियमित जांच किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में जाम के साथ-साथ रेलवे पुल की सुरक्षा से जुड़ी किसी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS










