ई-पास पर रेलवे बोर्ड का बड़ा शिकंजा, अब एचआरएमएस से होगा एचएचटी सत्यापन संयुक्त निदेशक यातायात वाणिज्यिक (जी)-V ने सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों को जारी किया पत्र
नई दिल्ली। रेलवे कर्मचारियों के ई-पास के सत्यापन को लेकर रेलवे बोर्ड ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब एचएचटी (हैंड हेल्ड टर्मिनल) अनुप्रयोग में एचआरएमएस से ई-पास का सत्यापन किया जा सकेगा। नई व्यवस्था के जरिए ई-पास से संबंधित विवरण का एचआरएमएस के साथ मिलान करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
रेलवे बोर्ड ने 22 सितंबर 2026 को सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों को पत्र जारी कर नई सुविधा का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। पत्र में बताया गया कि सीआरआईएस ने 1 सितंबर और 10 सितंबर 2026 को भेजे पत्रों के माध्यम से एचएचटी अनुप्रयोग में एचआरएमएस के साथ ई-पास सत्यापन की सुविधा शामिल किए जाने की जानकारी दी थी।
एचएचटी में सीधे जुड़ा एचआरएमएस सत्यापन
रेलवे बोर्ड के मुताबिक एचएचटी अनुप्रयोग के संस्करण 2.9.0 का बीटा संस्करण 3 सितंबर 2026 को जारी किया गया। इसी में एचआरएमएस के साथ ई-पास सत्यापन की नई कार्यक्षमता शामिल की गई है। इससे सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने का रास्ता तैयार हुआ है।
जोनल रेलवे को नई सुविधा अपनाने की सलाह
बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को नए प्रावधान का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। नई सुविधा के इस्तेमाल के दौरान यदि कोई समस्या सामने आती है या किसी तरह के बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है तो संबंधित फीडबैक सीआरआईएस के साथ साझा करने को कहा गया है।
संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश देने के संकेत
रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित लोगों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। पत्र संयुक्त निदेशक यातायात वाणिज्यिक (जी)-V शीबा ब्रिटास की ओर से जारी किया गया है। नई व्यवस्था के बाद ई-पास सत्यापन में एचएचटी और एचआरएमएस के बीच डिजिटल समन्वय स्थापित होगा।
रिपोर्ट: नवीन यादव










