स्ववित्तपोषण की बेड़ियां तोड़ो, बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय को 100% अनुदान दो बुंदेलखण्ड निर्माण मोर्चा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा महंगी फीस से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा से वंचित होने का उठाया मुद्दा
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय को स्ववित्तपोषित व्यवस्था से हटाकर 100 प्रतिशत अनुदानित संस्थान का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर बुंदेलखण्ड निर्माण मोर्चा ने आवाज बुलंद की। केंद्रीय अध्यक्ष भानु सहाय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी झांसी को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय वर्तमान में स्ववित्तपोषित संस्था के रूप में संचालित है। बुंदेलखण्ड की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय को शीघ्र 100 प्रतिशत अनुदान एवं सहायता व्यवस्था से जोड़ा जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में आर्थिक बाधाओं का सामना न करना पड़े।
मोर्चा का कहना है कि बुंदेलखण्ड के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धनाभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। विश्वविद्यालय को अनुदानित व्यवस्था में लाने से विद्यार्थियों पर फीस का आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।
ज्ञापन में विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी और बड़ी संख्या में संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया गया। मोर्चा ने मांग की कि शिक्षकों को उचित वेतन एवं बेहतर सेवा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर ढंग से संवार सकें।
मोर्चा ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने भी इस संबंध में सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए पत्र लिखा था। ज्ञापन के साथ उक्त पत्र की छायाप्रति भी संलग्न की गई।
मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय को स्ववित्तपोषित व्यवस्था से हटाकर अनुदानित नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। इसके तहत सामूहिक अनशन और सार्वजनिक प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई है। मोर्चा ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण बुंदेलखण्ड क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
ज्ञापन देने वालों में रघुराज शर्मा, गिरजा शंकर राय, अनिल कश्यप, प्रदीप नाथ झा एडवोकेट, सीडी लिटोरिया, साहिदा बेगम, योगेंद्र मिश्रा उर्फ टाफीमैन, नरेश वर्मा, उत्कर्ष साहू, प्रभु दयाल कुशवाहा, प्रेम सेपरे, गोलू ठाकुर, ब्रजेश राय, विजय रायकवार, शंकर रायकवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट: नवीन यादव










