वीआईपी रूम के खटमल से शुरू मामला, अब डीआरएम को अवमानना नोटिस हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों की शिकायत के बाद 20 मई को दिए गए थे सोफे बदलने और पेस्ट कंट्रोल के निर्देश, 30 सितंबर को व्यक्तिगत पेशी
औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर)। औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) रेलवे स्टेशन के वीआईपी रूम में सोफों में खटमल मिलने की शिकायत से शुरू हुआ मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नांदेड़ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को अवमानना नोटिस जारी करते हुए 30 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों की शिकायत से मामला सामने आया
मई 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच के दो न्यायाधीशों के औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) रेलवे स्टेशन के वीआईपी रूम में पहुंचने के दौरान वहां रखे सोफों में खटमल पाए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद मामले को रेलवे कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा गया।
20 मई को दिए गए थे निर्देश
रेलवे कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट एस. एम. अहेर ने 20 मई 2026 को डीआरएम को पत्र जारी कर वीआईपी रूम में पेस्ट कंट्रोल कराने तथा पुराने सोफों को बदलकर नए सोफे लगाने के निर्देश दिए थे।
19 सितंबर तक अनुपालन नहीं होने का आरोप
अवमानना नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 19 सितंबर तक न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया। नोटिस के मुताबिक पुराने सोफे नहीं बदले गए और पेस्ट कंट्रोल के निर्देश पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाब को भी संतोषजनक नहीं माना गया।
30 सितंबर को डीआरएम की व्यक्तिगत पेशी
न्यायालय ने डीआरएम नांदेड़ को 30 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उन्हें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना अधिनियम के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।
अब 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। डीआरएम की व्यक्तिगत उपस्थिति और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब के बाद मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट: नवीन यादव










