पटियाला में रेलवे ने रचा तकनीकी इतिहास, तैयार हुआ AI आधारित रेल इंजन लोकोमोटिव 39642 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित OHE मॉनिटरिंग सिस्टम, चलती ट्रेन में बिजली के तारों पर रखेगा नजर स्पार्किंग, टूटे तार और अन्य गड़बड़ियों की पहचान में मिलेगी मदद, समय रहते रखरखाव की कार्रवाई होगी संभव
पटियाला। भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए AI आधारित OHE मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस लोकोमोटिव तैयार किया है। यह उपलब्धि पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स (PLW) ने हासिल की है। लोकोमोटिव संख्या 39642 को 15 सितंबर 2026 को कार्यशाला से रवाना किया गया।
इस लोकोमोटिव में लगाया गया कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) मॉनिटरिंग सिस्टम चलती ट्रेन के दौरान ऊपर लगे बिजली के उपकरणों और तारों की लगातार निगरानी करेगा। इसका उद्देश्य संभावित खराबियों और असामान्य स्थितियों की पहचान कर रेलवे के रखरखाव तंत्र को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराना है।
सिस्टम स्पार्किंग, गलत स्थिति में लगे या खराब ड्रॉपर, मिसअलाइन सेक्शन, न्यूट्रल सेक्शन, टूटे कैटेनरी तार जैसी स्थितियों की पहचान करने में मदद करेगा। इसके अलावा OHE के आसपास मौजूद बाहरी वस्तुओं, पक्षियों के घोंसलों तथा पेड़-पौधों जैसी संभावित बाधाओं का भी पता लगाने में तकनीक सहायक होगी।
खराबी से पहले मिलेगी जानकारी
AI आधारित निगरानी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि संभावित समस्या की शुरुआती पहचान होने पर संबंधित विभाग समय रहते निरीक्षण और सुधारात्मक कार्रवाई कर सकता है। इससे OHE की विश्वसनीयता बढ़ाने, पूर्वानुमानित रखरखाव को मजबूत करने और बिजली आपूर्ति से जुड़ी परिचालन बाधाओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
PLW की यह पहल भारतीय रेलवे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्मार्ट निगरानी तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है। लोकोमोटिव 39642 में यह प्रणाली शामिल किए जाने से रेल परिचालन में तकनीक आधारित निगरानी को नई दिशा मिलने की संभावना है।
रिपोर्ट: नवीन यादव










