मुख्यमंत्री से नगर निगम तक शिकायत, खबरें भी छपीं—फिर भी नहीं भरा गड्ढा! ग्वाल टोली में खाती बाबा मंदिर के पास एक माह से गली किनारे खुदा पड़ा गड्ढा, सैकड़ों राहगीर और दिव्यांग रोज जोखिम में तीन पहिया वाहनों से गुजरते हैं दिव्यांग, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
झांसी। सिविल लाइंस क्षेत्र की ग्वाल टोली में खाती बाबा मंदिर के पास गली के किनारे करीब एक माह से खुदा पड़ा गड्ढा अब जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। खास बात यह है कि इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी और नगर निगम आयुक्त तक शिकायत की जा चुकी है। समाचार पत्रों में भी खबर प्रकाशित होकर समस्या को प्रमुखता से उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद गड्ढा आज भी जस का तस खुदा पड़ा है।
इस रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। इनमें दिव्यांगजन भी शामिल हैं, जो अपने तीन पहिया वाहनों से इसी रास्ते से निकलते हैं। गली किनारे खुले पड़े गड्ढे के कारण कभी भी कोई वाहन असंतुलित होकर पलट सकता है अथवा राहगीर उसमें गिर सकता है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि आसपास छोटे-छोटे बच्चे भी खेलते हैं। गड्ढे को सुरक्षित करने के लिए न पर्याप्त अवरोध लगाए गए हैं और न ही कोई चेतावनी व्यवस्था नजर आती है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी और नगर निगम आयुक्त तक शिकायत पहुंच चुकी है और समाचार पत्रों में भी समस्या प्रकाशित हो चुकी है, तब भी कार्रवाई न होना समझ से परे है। लोगों का सवाल है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसी हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है?
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ग्वाल टोली स्थित खाती बाबा मंदिर के पास गली किनारे खुले पड़े गड्ढे का तत्काल भराव कराया जाए, आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए और गड्ढा खोदकर उसे इस हालत में छोड़ने वाले व्यक्ति अथवा संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।
मोहल्लेवासियों की चिंता साफ है—यदि समय रहते गड्ढा नहीं भरा गया और कोई दुर्घटना घटित हो गई, तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
रिपोर्ट: नवीन यादव
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