डीजी आरपीएफ जरा ध्यान दें: प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार था… गाड़ी पहुंच गई! गोरखपुर में कार ने प्लेटफॉर्म पर ली ‘एंट्री’, ग्वालियर समेत कई स्टेशनों पर पहले भी पहुंच चुके वाहन—फिर सुरक्षा का पहरा आखिर किसके लिए? गाड़ी प्लेटफॉर्म तक पहुंची, पहरेदार कहां थे? गेट पर सुरक्षा या सिर्फ कागजों में निगरानी? हर घटना के बाद कार्रवाई, फिर वही कहानी!
रिपोर्ट नवीन यादव
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म तक कार पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। आरपीएफ ने वाहन जब्त कर चालक के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन घटना ने रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
यह कोई पहली घटना नहीं है। ग्वालियर समेत कई रेलवे स्टेशनों पर पूर्व में भी वाहन प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ चालक की गलती तक सीमित नहीं रहता। सवाल उस निगरानी व्यवस्था पर भी उठता है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील रेल परिसर में अनधिकृत प्रवेश को रोकना है।
व्यंग्य देखिए—आम यात्री प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए नियमों की कतार से गुजरता है और गाड़ी सीधे प्लेटफॉर्म पर ‘विशेष प्रवेश’ पा जाती है!
आखिर प्लेटफॉर्म तक पहुंचने वाले रास्तों पर निगरानी कौन करता है? प्रवेश मार्ग पर सुरक्षा कर्मियों की नजर रहती है तो वाहन अंदर तक पहुंचता कैसे है? क्या सुरक्षा व्यवस्था तब जागती है, जब वाहन प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर अफरा-तफरी मचा दे?
डीजी आरपीएफ जरा ध्यान दें—हर घटना में वाहन जब्त और चालक पर केस दर्ज करना कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है, लेकिन असली सवाल अब भी वहीं खड़ा है: गाड़ी प्लेटफॉर्म तक पहुंची कैसे?
सबसे बड़ा सवाल—जब प्लेटफॉर्म तक गाड़ी पहुंच सकती है, तो सुरक्षा का पहरा आखिर किस दरवाजे पर खड़ा है?










