एनसीआरईएस की मांग पर पुरानी पेंशन का रास्ता साफ, 2003 में परीक्षा देने वाले कर्मचारियों को राहत प्रशासनिक देरी से 2004 के बाद हुई नियुक्तियों का मामला उठा, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने जारी किया आदेश
रिपोर्ट: नवीन यादव
झांसी। नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज संघ (एनसीआरईएस) की मंडलीय परिषद सभा में पुरानी पेंशन योजना को लेकर संगठन के प्रयासों और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। 28 सितंबर 2026 को मंडल कार्यालय शुक्ल सदन में आयोजित सभा की अध्यक्षता मंडल उपाध्यक्ष राजेन्द्र परिहार ने की। एनसीआरईएस के केंद्रीय अध्यक्ष वी. जी. गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि केंद्रीय उपाध्यक्ष इंद्रविजय सिंह भी मौजूद रहे।
मंडल सचिव गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2004 के बाद अनुकम्पा नियुक्ति पर आए ऐसे कर्मचारियों, जिनकी लिखित परीक्षा वर्ष 2003 में हो चुकी थी, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, उनके लिए एनसीआरईएस की मांग पर नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।
रेलवे बोर्ड के समक्ष उठाया था मामला
एनसीआरईएस के केंद्रीय अध्यक्ष वी. जी. गौतम ने बताया कि पूरे भारतीय रेलवे में ऐसे कई कर्मचारी थे, जिनकी लिखित परीक्षा वर्ष 2003 में पूरी हो गई थी, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण नियुक्ति आदेश वर्ष 2004 के बाद जारी हुए। ऐसे कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लाभ के लिए परेशान थे।
उन्होंने बताया कि इस समस्या को अखिल भारतीय रेल कर्मचारी महासंघ के कोषाध्यक्ष एवं एनसीआरईएस के महामंत्री आर. पी. सिंह ने 6-7 मई 2025 को रेलवे बोर्ड की स्थायी वार्ता बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के समक्ष मजबूती से रखा था। रेलवे बोर्ड ने इस पर सहमति प्रदान करते हुए प्रस्ताव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजा था।
22 जून को जारी हुआ आदेश
केंद्रीय महासचिव इंद्रविजय सिंह ने पुरानी पेंशन योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने एनसीआरईएस के महामंत्री आर. पी. सिंह की मांग को स्वीकार करते हुए 22 जून 2026 को पत्र जारी किया। आदेश जारी होने के बाद उत्तर मध्य रेलवे में अनुकम्पा नियुक्ति पर आए कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने की जानकारी दी गई। कर्मचारियों ने इसके लिए एनसीआरईएस के महामंत्री आर. पी. सिंह का आभार जताया।
वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की मांग
वी. जी. गौतम ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के संबंध में सभी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी के लिए वेतन निर्धारण गुणक को 2.86 से बढ़ाकर 3.83 गुना करने की मांग की गई है। इसके अनुसार न्यूनतम वेतन 18 हजार से बढ़ाकर 69 हजार रुपये करने तथा मकान किराया भत्ते को 30 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग रखी गई है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को मिलने वाले जोखिम भत्ते को 30 प्रतिशत तथा पटरियों और यार्डों की सफाई जैसे कठिन कार्यों के लिए मूल वेतन का 15 प्रतिशत किए जाने की मांग भी की गई है।
सभा में महेन्द्र सेन, अशोक कुमार त्रिपाठी, इमरान बेग, प्रिसी सिंह तोमर, गौरव श्रीवास्तव, नरेन्द्र त्रिपाठी, राघवेन्द्र तिवारी, के. एस. शुक्ला, अनुप अग्रवाल, अंशुमण चव्हाण, सुधीर सक्सैना, संजय सोनकर, कामता साहू, सुरेश मीना, ए. के. चिश्ती, चेतन शर्मा, प्रफुल खरे आदि ने विचार रखे। झांसी मंडल से करीब 300 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सभा में शामिल हुए।
सभा की अध्यक्षता कर रहे राजेन्द्र परिहार ने सभी को नियम की विस्तृत जानकारी देते हुए धन्यवाद दिया। संचालन संजीव नायक एवं मधुर पांडे ने किया। अंत में एनसीआरईएस के मंडलीय मीडिया प्रभारी मो. शाहनवाज ने सभी का आभार व्यक्त किया।










