झांसी मंडल में सुरक्षा का ‘जादू’! आरपीएफ के सभी थाना-चौकी क्षेत्रों में सब कुछ ठीक—न चोरी, न अवैध वेंडर, न टिकट दलाली की खबर! झांसी से ग्वालियर तक ‘सब चंगा’! चौकियों पर भी अपराध ने बनाई दूरी! आरपीएफ की ऐसी निगरानी कि घटना भी शायद रास्ता भूल गई!
्
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा ‘जादू’ देखने को मिल रहा है कि आरपीएफ के थाना क्षेत्रों से लेकर चौकियों तक सब कुछ एकदम शांत नजर आ रहा है। आला अधिकारी के पदभार संभालने के बाद मानो अपराध ने भी रेलवे की सीमा से दूरी बना ली हो।
झांसी, चित्रकूट, बांदा, महोबा, ललितपुर, ग्वालियर, उरई, मुरैना और भिंड सहित आरपीएफ के विभिन्न थाना क्षेत्रों के साथ दतिया, डबरा, मऊरानीपुर, बबीना, तालबेहट, मोठ समेत चौकी क्षेत्रों से भी किसी घटना की सूचना सामने नहीं आई है।
न रेल संपत्ति चोरी की खबर, न अवैध वेंडरों की चर्चा, न टिकट दलाली का शोर और न ही ट्रेनों में अनधिकृत गतिविधियों की शिकायत। हालात देखकर तो यही लगता है कि आरपीएफ की निगरानी के सामने अपराध ने खुद ही ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा लिया है।
सबसे दिलचस्प सवाल यही है—क्या अपराधियों ने रेलवे से नाता तोड़ लिया है या फिर सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद हो गई है कि घटना होने से पहले ही उसका रास्ता बंद हो जाता है?
बहरहाल, अगर वाकई यही स्थिति है तो इसे सुरक्षा व्यवस्था का ‘जादुई दौर’ ही कहा जाएगा—आरपीएफ पहरे पर है और अपराध छुट्टी पर!










