पंजाब में ‘मिशन अन्वेषण’ का आगाज, गैस और तेल की खोज के लिए शुरू हुआ सर्वेक्षण

पंजाब में पोटाश के बाद अब प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की खोज के लिए ‘मिशन अन्वेषण’ शुरू किया गया है।

मंत्री गोयल ने एमजीएसआइपीए में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन डायरेक्टर जनरल आफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) और आयल इंडिया लिमिटेड (ओआइएल) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें राज्य में प्रस्तावित सर्वेक्षण के लिए सहयोग मांगा गया।

अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल में डीजीएच के एचओडी अजय कुमार शर्मा, डीजीएम सुरेंद्र कुमार दास और ओआइएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुप कुमार समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।

बैठक में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में तेल और गैस की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर ओआइएल राज्य में 2डी सिस्मिक सर्वे करेगा, जिससे जमीन के नीचे मौजूद तेल और गैस भंडारों का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा। इस परियोजना का नाम ‘मिशन अन्वेषण’ रखा गया है

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पंजाब को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और बाहरी ईंधन पर निर्भरता कम करना है। सर्वेक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों जैसे 2D और 3D सिस्मिक सर्वे का उपयोग किया जा रहा है, जिससे जमीन के भीतर मौजूद हाइड्रोकार्बन संसाधनों का सटीक आकलन किया जा सके।

विशेषज्ञों की टीम राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूगर्भीय डेटा एकत्र कर संभावित क्षेत्रों की पहचान करेगी। इसके बाद चयनित स्थानों पर ड्रिलिंग कर यह जांच की जाएगी कि वहां गैस या कच्चे तेल के भंडार मौजूद हैं या नहीं।

सरकार का मानना है कि यदि इस मिशन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं, तो यह पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। साथ ही, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

हालांकि, पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी गतिविधियां तय मानकों के अनुसार ही की जाएंगी, ताकि प्रकृति पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। ‘मिशन अन्वेषण’ को राज्य के भविष्य के लिए एक अहम पहल माना जा रहा है।

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