रायसेन में पिता बना जल्लाद : पत्नी की हत्या के बाद 2 साल के बेटे को घने जंगल में मरने छोड़ा, 20 घंटे नंगे पैर भटकता रहा मासूम
एक पिता ने रायसेन-विदिशा सीमा पर अपनी पत्नी की हत्या कर अपने दो साल के बेटे को बेगमगंज के घने जंगल में छोड़ दिया। पुलिस ने 20 घंटे के सघन तलाशी अभियान के बाद मासूम बच्चे को ढूंढ निकाला, जिसकी हालत नाजुक थी।
रायसेन-विदिशा की सीमा पर स्थित बेगमगंज के जंगलों में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पिता ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसने अपने ही दो साल के बेटे को घने जंगल में जंगली जानवरों के बीच मरने के लिए छोड़ दिया। लेकिन किस्मत और जिजीविषा के आगे मौत भी हार गई—करीब 20 घंटे बाद पुलिस ने मासूम को जीवित और सुरक्षित ढूंढ निकाला।
पत्नी की हत्या के बाद बेटे को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर विदिशा जिले के हैदरगढ़ निवासी 25 वर्षीय युवक ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी का पत्थर से सिर कुचलकर नृशंस हत्या कर दी। इस खौफनाक घटना का गवाह उसका दो साल का बेटा बना। वारदात के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने और बच्चे से छुटकारा पाने के इरादे से उसे मोटरसाइकिल पर बैठाया और बेगमगंज के घने जंगल में करीब दो किलोमीटर अंदर एक झरने के पास छोड़ आया।

रातभर चला सर्च ऑपरेशन
इका खुलासा तब हुआ, जब महिला का शव मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया। पूछताछ में पहले वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद उसने बच्चे को जंगल में छोड़ने की बात कबूल कर ली। इसके बाद एसडीओपी सोनाली गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमों ने रात में ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अंधेरे, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और जंगली जानवरों के खतरे के बीच पुलिसकर्मी टॉर्च की रोशनी में लगातार बच्चे की तलाश करते रहे
रोते हुए मिला मासूम, हालत थी नाजुक
रविवार सुबह करीब 8:30 बजे जंगल की झाड़ियों से बच्चे के रोने की धीमी आवाज सुनाई दी। टीम मौके पर पहुंची तो मासूम बदहवास हालत में पैदल भटकता मिला। वह कमर से नीचे निर्वस्त्र था, पैरों में जूते नहीं थे और भूख-प्यास से बेहद कमजोर हो चुका था। करीब 20 घंटे तक जंगल में अकेले रहने के कारण वह डिहाइड्रेशन का शिकार हो गया था। पुलिस बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसका उपचार किया जा रहा है
।यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। जिस इलाके में बच्चे को छोड़ा गया था, वहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही रहती है। बच्चा भूख-प्यास से तड़प रहा था। पुलिस ने तुरंत उसे भोजन और पानी दिया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। अब उसकी हालत स्थिर है।
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