विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड जीत का असर, राष्ट्रपति चुनाव में आसान हुई NDA की राह

लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए को मिली कम सीटों के दर्द पर विधानसभा चुनाव में लगातार मिल रही जीत मरहम का काम कर रही है। राज्यसभा में लगातार उसकी संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को फायदा मिलता दिख रहा है।

महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार जैसे बड़े राज्यों की विधानसभाओं पर अपने सहयोगियों के साथ उसका जबरदस्त दबदबा लोकसभा में हुए नुकसान की भरपाई करने में असरदार साबित होगा। उत्तर प्रदेश के बाद ये तीनों राज्य राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में बड़ी जगह रखते हैं। लोकसभा में 2024 में उसकी सीटों की संख्या 303 से घटकर 240 रह गई थी।

संसद और विधानसभाओं के सभी चुने हुए सदस्य (इसमें मनोनीत सांसद शामिल नहीं होते हैं) मिलकर निर्वाचक मंडल बनाते हैं।

संसद और विधानसभाओं का वोटिंग में बराबर हिस्सा होता है, लेकिन जहां हर सांसद के वोट का मूल्य एक जैसा होता है (2022 में यह 700 था), वहीं एक विधायक के वोट का वजन उस विधानसभा द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली आबादी के आकार (1971 की जनगणना के अनुसार) के आधार पर अलग-अलग होता है।

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