कनाडा में रंगदारी और अपहरण के मामले में 4 भारतीय गिरफ्तार, पुलिस ने कहा- ‘ऐसा मामला कभी नहीं देखा’

कनाडा के कैलगरी में जबरन वसूली और अपहरण की एक अनोखी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति का अपहरण उसके दोस्त को फंसाने के लिए किया गया था।

कनाडा के कैलगरी शहर में जबरन वसूली और अपहरण की बेहद पेचीदा और हैरान कर देने वाली साजिश सामने आई है। बदमाशों ने व्यक्ति का अपहरण तो किया, लेकिन वह उनका असली टारगेट नहीं था। वे उस व्यक्ति का इस्तेमाल उसके दोस्त को घर से बाहर बुलाने के लिए एक चारे के रूप में कर रहे थे। हालांकि, बदमाशों की यह साजिश नाकाम रही।कनाडा में रंगदारी और अपहरण के मामले में 4 भारतीय गिरफ्तार, पुलिस ने कहा- ‘ऐसा मामला कभी नहीं देखा’

कैलगरी पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला शहर के दक्षिण एशियाई समुदाय से जुड़ा है। पुलिस भी इस पूरी साजिश को देखकर हैरान है, क्योंकि उन्होंने पहले कभी जबरन वसूली के लिए ऐसा तरीका अपनाते नहीं देखा था। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पांचवें के खिलाफ वारंट जारी किया गया है।

बंदूक की नोक पर एडमॉन्टन से अपहरण

यह पूरी घटना 6 मई की है। शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच चार संदिग्धों ने एडमॉन्टन स्थित एक घर से पहले पीड़ित शख्स पर हमला किया और बंदूक की नोक पर उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद आरोपी उसे गाड़ी में डालकर एडमॉन्टन से कैलगरी ले गए, जहां पीड़ित के दोस्त का घर था। वहां कुछ और संदिग्ध गाड़ियों के साथ पहले से ही इंतजार कर रहे थे।

कैलगरी पहुंचने पर किडनैपर्स ने पहले पीड़ित से कहा कि वह अपने उस दोस्त को फोन करके बाहर बुलाए, जो उनका असली टारगेट था। जब उसने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसके साथ दोबारा बेरहमी से मारपीट की।

इसी दौरान, अंदर मौजूद असली टारगेट और उसकी पत्नी अपनी जान के डर से घर छोड़कर भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन बाहर खड़े संदिग्धों ने उन्हें बंदूक दिखाकर डराया और धमकी दी। डर के मारे दोनों वापस घर के अंदर भागे और तुरंत पुलिस को फोन कर दिया।

पुलिस के उड़ गए होश

जब किडनैपर्स की यह साजिश नाकाम हो गई, तो वे पहली घटना की रात को ही पकड़े जाने के डर से वहां से निकल गए। अगली सुबह आरोपी उस पहले पीड़ित शख्स को वापस एडमॉन्टन ले गए और उसके घर के पास छोड़ दिया। मुक्त होने के बाद उसने भी पुलिस से संपर्क किया।

कैलगरी पुलिस अधीक्षक जेफ बेल ने बताया कि पीड़ित को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन यह जाहिर तौर पर उसके लिए बहुत डरावनी स्थिति थी और उसे मानसिक तथा शारीरिक रूप से इससे उबरने में समय लगेगा।

पुलिस ने बताया कि हालांकि सभी संदिग्ध कैलगरी में ही रह रहे थे, लेकिन उनमें से कोई भी कनाडा का नागरिक नहीं है। वे सभी दक्षिण एशियाई मूल के हैं।

गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान दक्ष गौतम (25 वर्ष), तरनवीर सिंह (24 व वर्ष), प्रदीप सिंह (24 वर्ष), आकाशदीप सिंह (18 वर्ष) इन सभी पर बंदूक के साथ अपहरण करने, बंधक बनाने, हमला करने और घातक हथियार से हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने जांच के दौरान एक निजी तौर पर निर्मित हथियार भी जब्त किया है, जिसे आम बोलचाल में घोस्ट गन कहा जाता है।

शरीर पर हैं खास टैटू

पुलिस अब इस मामले के पांचवें संदिग्ध, 29 वर्षीय गगनदीप सिंह की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जो कैलगरी का ही रहने वाला है और उसके खिलाफ वारंट जारी हो चुका है। पुलिस ने उसकी पहचान के लिए बताया है कि उसके दाहिने हाथ पर एक महिला का टैटू है और बाएं हाथ पर नीले और लाल रंग के बाज का टैटू बना हुआ है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इन सभी आरोपियों का इमिग्रेशन स्टेटस अलग-अलग था। इनमें से कुछ के वर्क वीजा समाप्त हो चुके थे, तो कुछ ने रिफ्यूजी के तौर पर क्लेम किया हुआ था।

पुलिस अधीक्षक जेफ बेल ने कहा कि कैलगरी पुलिस ने जबरन वसूली से जुड़ा इस तरह का अपहरण पहली बार देखा है। कैलगरी में अब तक हमने जबरन वसूली की जितनी भी घटनाएं देखी हैं, यह उनमें हिंसा का एक बहुत बड़ा और गंभीर स्तर है।

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