मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: 18 जून को मतदान, 1 जून से नामांकन शुरू, कांग्रेस को क्रॉस-वोटिंग का डर

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो गया है, मतदान 18 जून को होगा और नामांकन 1 जून से शुरू होंगे। भाजपा को दो सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस एक सीट पर क्रॉस-वोटिंग की आशंका से चिंतित है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा काफी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। विधानसभा में पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण माना जा रहा है कि भाजपा आसानी से दो सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। वहीं कांग्रेस के खाते में एक सीट जाने की संभावना है, लेकिन पार्टी को अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राज्यसभा चुनाव भले ही प्रत्यक्ष चुनाव नहीं होता, लेकिन इसके जरिए पार्टियों की अंदरूनी स्थिति और संगठनात्मक मजबूती सामने आ जाती है। इसी कारण भाजपा पूरी सावधानी और रणनीति के साथ उम्मीदवारों के चयन पर विचार कर रही है। पार्टी ऐसे चेहरों को आगे लाने की तैयारी में है जो राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूती दे सकें।

दूसरी ओर कांग्रेस के लिए यह चुनाव किसी परीक्षा से कम नहीं माना जा रहा। पार्टी को डर है कि कहीं कुछ विधायक क्रॉस-वोटिंग न कर दें। पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश की राजनीति में दल-बदल और विधायकों की नाराजगी कई बार सामने आ चुकी है। इसी वजह से कांग्रेस नेतृत्व अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिशों में जुट गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार विधायकों से संपर्क बनाए हुए हैं और संगठनात्मक बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है।

दो सीट भाजपा, एक कांग्रेस के पास

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में राजनीतिक गणित लगभग साफ नजर आ रहा है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर दो सीटों पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। भाजपा के पास पर्याप्त विधायक होने के कारण पार्टी मजबूत स्थिति में है और वह अपने दोनों उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है।

वहीं कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने की है। पार्टी को क्रॉस-वोटिंग का डर सता रहा है, क्योंकि पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस को अंदरूनी असंतोष का सामना करना पड़ा है। इसी कारण कांग्रेस नेतृत्व लगातार विधायकों के संपर्क में बना हुआ है और संगठन स्तर पर बैठकें की जा रही हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी, जबकि मतदान 18 जून को कराया जाएगा। चुनाव की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और दोनों दल उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन में जुट गए हैं। भाजपा जहां अपने दो उम्मीदवारों के नाम जल्द घोषित कर सकती है, वहीं कांग्रेस भी अपनी एकमात्र सीट के लिए मजबूत चेहरे की तलाश कर रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव केवल राज्यसभा सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश में दोनों दलों की संगठनात्मक स्थिति और रणनीति का भी अंदाजा लगेगा।

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