अल्मोड़ा के भिकियासैण आग का तांडव, धुएं और आग की लपटों से रातभर जागते रहे लोग

अल्मोड़ा के भिकियासैंण क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग से गांवों में दहशत फैल गई, जिससे लोगों को धुएं और गर्मी के कारण रात भर जागना पड़ा।

भिकियासैंण क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग ने आसपास के गांवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

आग इतनी विकराल थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं और घना धुआं गांवों तक पहुंच गया। धुएं के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं आग की गर्मी से क्षेत्र का तापमान भी बढ़ गया, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। हालांकि तेज हवाओं और सूखी झाड़ियों के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती आशंका गर्मी और सूखे मौसम को माना जा रहा है।

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से जंगलों में आग रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे मौसम के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे पर्यावरण और वन्यजीवों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।

तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती रही

ग्रामीणों ने बताया कि देर रात जंगल में आग भड़कने के बाद देखते ही देखते उसने बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती रही।

देर रात जंगल में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार शुरुआत में आग एक छोटे हिस्से तक सीमित थी, लेकिन तेज हवाओं के चलते लपटें तेजी से फैलने लगीं। कुछ ही समय में आग ने जंगल के बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया।

ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन तेज हवा राहत कार्य में बड़ी बाधा बनी रही। स्थानीय लोगों ने भी आग पर काबू पाने में प्रशासन का सहयोग किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक आशंका गर्मी और सूखी झाड़ियों को माना जा रहा है

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