मुबारक मंडी जम्मू में खुला शाही ‘कैफेटेरिया-कम-लाइब्रेरी’, चाय की चुस्कियों के साथ पढ़िए डोगरा संस्कृति की कहानियां

जम्मू की ऐतिहासिक मुबारक मंडी में 3.29 करोड़ रुपये की लागत से एक शाही कैफेटेरिया-कम-लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ है। यह पर्यटकों को पारंपरिक डोगरा व्यंजन और जम्मू-कश्मीर के इतिहास से जुड़ी पुस्तकें प्रदान करेगा, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।

यह शाही कैफेटेरिया पर्यटकों को पारंपरिक डोगरा व्यंजनों का स्वाद चखाने के लिए तैयार किया गया है। यहां आने वाले लोग जम्मू क्षेत्र की प्रसिद्ध पारंपरिक डिशेज का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही लाइब्रेरी में जम्मू-कश्मीर के इतिहास, संस्कृति, कला और विरासत से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इससे पर्यटक न केवल स्वाद का आनंद लेंगे, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

मुबारक मंडी जम्मू की सबसे ऐतिहासिक इमारतों में से एक मानी जाती है। डोगरा शासकों के समय यह शाही महल के रूप में इस्तेमाल होती थी। अब सरकार इस ऐतिहासिक परिसर को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। नए कैफेटेरिया और लाइब्रेरी के शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को नई पहचान देना और युवाओं को अपनी विरासत से जोड़ना है। लाइब्रेरी में शोधार्थियों और छात्रों के लिए भी विशेष सामग्री उपलब्ध होगी। वहीं कैफेटेरिया में पारंपरिक भोजन के साथ आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से जम्मू के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा। पर्यटक अब केवल ऐतिहासिक इमारत देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि डोगरा संस्कृति को करीब से महसूस भी कर पाएंगे।

सरकार का कहना है कि आने वाले समय में मुबारक मंडी परिसर में और भी विकास कार्य किए जाएंगे। इससे जम्मू की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *