त्विषा शर्मा केस: अपना केस खुद लड़ेंगीं पूर्व जज गिरिबाला सिंह, वकील ने पैरवी से खींचे अपने हाथ
पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह अब त्विषा सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में अपनी पैरवी खुद करेंगी। उनके वकील ने मीडिया विवाद के बाद केस से हाथ खींच लिए हैं, जबकि हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद करने पर जवाब मांगा है।
अधिवक्ता व्यवसाय के बाद उच्च न्यायिक सेवा से निवृत्त हो चुकीं गिरिबाला सिंह एक बार फिर कोर्ट में बहस करेंगी। वे किसी पक्षकार के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए पैरवी करेंगी।
केस बहु त्विषा सिंह की संदिग्ध परिस्थिति में उनके भोपाल कटारा हिल्स स्थित निवास में मौत से जुदा है। इस मामले में उन्हें आरोपित बनाया गया है। गिरफ्तारी से बचने वे भोपाल की अदालत से अपराध दर्ज होने वाले दिन ही अग्रिम जमानत हासिल कर अंतरिम राहत पा चुकी हैं। किन्तु उनकी मुसीबत बरकरार है।
वकील ने पैरवी से खींचे अपने हाथ
एक ओर अग्रिम जमानत निरस्त कराने त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा हाई कोर्ट पहुंच गए हैं, दूसरी ओर उनके वकील इनोश जॉर्ज कार्लो, जिन्होंने भोपाल की अदालत में पक्ष रखकर अग्रिम जमानत दिलाई थी, वे साथ छोड़ चुके हैं। मीडिया कर्मियों से विवाद के बाद उन्होंने केस से अपना नाम वापस लेने का निर्णय लिया है। लिहाजा, कोई और वकील करने के स्थान पर गिरिबाला ने एक बार फिर कोर्ट के समक्ष बहस करने का मन बना लिया है। हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि क्यों न भोपाल अदालत से मिली अग्रिम जमानत मामले की गम्भीरता को देखते हुए निरस्त कर दी जाए। इसके साथ ही सोमवार, 25 मई को मामले की अगली सुनवाई नियत की है।
गिरिबाला सिंह पर लगाए गए गंभीर आरोप
याचिकाकर्ता त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने पूर्व प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश समधन गिरिबाला सिंह पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ का संगीन आरोप लगाया है। ऐसे में डीजे और रजिस्ट्रार के अलावा मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव रह चुकी गिरबाला सिंह खुद अपना बचाव करने मैदान में उतर आई हैं।










