पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद तेल कंपनियों के शेयर में आई तेजी, HPCL 6% चढ़ा

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) के शेयरों में 4-6% की तेजी देखी गई। यह दो हफ्तों में चौथी बढ़ोतरी है, जिससे महंगाई और परिवहन लागत बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसका कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है।

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को एक बार फिर तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ा दिए, जिसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों जैसे Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL), Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) और Indian Oil Corporation (IOC) के शेयरों में 4 से 6 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। पिछले दो सप्ताह में यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा हुआ है।

झांसी में भी बढ़ती कीमतों का असर देखने को मिल रहा है। शहर के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों में नाराजगी दिखाई दी। बाइक और कार चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से घर का बजट बिगड़ता जा रहा है। वहीं ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने भी चिंता जताई है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि झांसी जैसे शहरों में परिवहन व्यवस्था काफी हद तक सड़क मार्ग पर निर्भर है। ऐसे में डीजल के दाम बढ़ने से फल, सब्जी, किराना और निर्माण सामग्री की कीमतों में भी आने वाले दिनों में बढ़ोतरी हो सकती है। बस संचालकों और ऑटो चालकों ने भी किराया बढ़ाने की संभावना जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के बीच पुराना किराया बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के कारण घरेलू बाजार में भी ईंधन महंगा हो रहा है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी कीमतों पर असर डाल रही है। शेयर बाजार में तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि कंपनियों के मुनाफे में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

हालांकि आम जनता के लिए यह राहत की खबर नहीं है। झांसी के मध्यम वर्गीय परिवारों का कहना है कि पहले से बढ़ी हुई महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि ने आर्थिक दबाव और बढ़ा दिया है। लोगों का मानना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो दैनिक जरूरतों का खर्च संभालना और मुश्किल हो जाएगा। प्रशासन और सरकार की ओर से फिलहाल कीमतों में राहत के कोई संकेत नहीं मिले हैं, जिससे लोगों की चिंता बनी हुई है।

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