आपदा से पहले तैयारी, संवेदनशील जिलों के लिए DTM और तहसील स्तर तक सैटेलाइट फोन से लैस होगा जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए संवेदनशील जिलों में डिजिटल टेरेन मॉडल (डीटीएम) और तहसील स्तर तक सैटेलाइट फोन खरीदे जाएंगे। मुख्य सचिव अटल डूल्लू की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूकंप, बाढ़ जैसी आपदाओं के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन को भी मंजूरी दी गई।
जम्मू कश्मीर में आपदाओं का सामना करने में बेहतर तकनीक को बढ़ावा देने के लिए संवेदनशील जिलों के लिए डिजिटल टेरेन माडल (डीटीम) के साथ तहसील स्तर तक सैटेलाइट फोन खरीदे जाएंगे।
मुख्यसचिव अटल डूल्लू की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति ने सोमवार को प्राकृतिक आपदाओं की सिमुलेशन, पूर्वानुमान व रोकथाम के लिए डीटीएम के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में निर्बाध संचार के लिए सैटेलाइट फोन खरदने को मंजूरी दे दी। बैठक में भूकंप, बाढ़, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड व भूस्खलन जैसी आपदाओं के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने पर भी चर्चा हुई।
बेहतर तैयारी की रणनीति बनाई जाएगी
इस टास्क फोर्स में आइआइटी, विश्व विद्यालयों के साथ तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल कर आपदाओं के खतरे को कम करने के साथ बेहतर तैयारी की रणनीति बनाई जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग की राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में जम्मू-कश्मीर में आपदा न्यूनीकरण, तैयारी व राहत कार्यों को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, एसडीआरएफ के कमांडेंट जनरल, कानून विभाग के आयुक्त सचिव, राजस्व विभाग के सचिव राजस्व सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।बैठक के दौरान समिति ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में आपदा न्यूनीकरण उपायों के क्रियान्वयन के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ साझेदारी को औपचारिक मंजूरी दी। इसके साथ ही कार्यक्रम के प्रभावी संचालन व समन्वय के लिए एक प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी के गठन को भी स्वीकृति दी गई।
तहसील स्तर तक सैटेलाइट फोन खरीदे जाएंगे
यह समिति आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में काम करेगी। आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए समिति ने संवेदनशील जिलों के लिए डिजिटल टेरेन माडल व निर्बाध संचारके लिए सभी जिलों से लेकर तहसील स्तर तक सैटेलाइट फोन खरीदे जाएंगे।
बैठक में भूकंप, बाढ़, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड व भूस्खलन जैसी आपदाओं के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने पर भी चर्चा हुई। समिति ने श्री अमरनाथ यात्रा के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन के लिए बचाव एवं आपातकालीन उपकरणों की खरीद हेतु 10.69 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूरी की।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत तैयारी, बेहतर समन्वय व आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था को अपनाना बेहद जरूरी है। इससे जम्मू-कश्मीर में जोखिम को कम कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी










