झांसी में किसानों ने किया प्रदर्शन:
- बोले-डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन नहीं देंगे, कहीं और हो अधिग्रहण
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झांसी के गरौठा क्षेत्र के किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण उचित और न्यायसंगत मुआवजा दिए बिना कर रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
किसानों ने कहा कि उनकी अधिकांश जमीन खेती पर आधारित है और यही उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत है। यदि जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो उनके पास रोजगार और जीवनयापन का कोई दूसरा साधन नहीं बचेगा। किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा तय किया गया मुआवजा बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम है, जिसे वे स्वीकार नहीं कर सकते।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग की कि भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित किसानों की सहमति ली जाए और उन्हें वर्तमान बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को रोजगार और पुनर्वास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसानों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार को ऐसी नीति अपनानी चाहिए जिससे विकास परियोजनाएं भी आगे बढ़ें और किसानों के हित भी सुरक्षित रहें।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और आपत्तियों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
डिफेंस कॉरिडोर परियोजना को लेकर क्षेत्र में पहले भी किसानों द्वारा चिंता जताई जा चुकी है। अब एक बार फिर किसानों के विरोध ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा,तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।










