फ्रॉड की शिकायत करने पहुंचे टीचर को गाली देकर भगाया:
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झांसी में साइबर ठगी के पीड़ित शिक्षक ने लगाया पुलिस पर अभद्रता का आरोप
झांसी में साइबर फ्रॉड के शिकार एक शिक्षक को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। शिक्षक अवध विहारी विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके साथ 2.27 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की। इतना ही नहीं, थाने में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें बेइज्जत कर भगा दिया गया।
पीड़ित शिक्षक के अनुसार साइबर ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खाते से 2.27 लाख रुपये निकाल लिए। घटना के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। शिक्षक का कहना है कि उन्होंने कई बार थाने के चक्कर लगाए, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिसकर्मियों ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो अवध विहारी विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि थाने में उन्हें अपमानित किया गया और शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया गया।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और ऐसे मामलों में पीड़ितों को त्वरित सहायता मिलनी चाहिए। यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक ने प्रशासन से न्याय दिलाने और साइबर ठगी में गंवाई गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।










