लखनऊ हादसे के बाद झांसी में अलर्ट, फायर विभाग ने कोचिंग सेंटरों का किया निरीक्षण तंग गलियों से लेकर बहुमंजिला इमारतों तक सुरक्षा व्यवस्था की जांच, कई जगह गंभीर कमियां उजागर
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। इसी क्रम में झांसी जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
इसी अभियान के तहत झांसी नगर क्षेत्र के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित गंभीर कमियां सामने आईं। कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र या तो उपलब्ध नहीं पाए गए या फिर उनकी समय-समय पर जांच नहीं कराई गई थी। वहीं कुछ संस्थानों में आपातकालीन निकास मार्ग, चेतावनी संकेतक और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं।
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झांसी का सबसे बड़ा कोचिंग खुलासा!
निरीक्षण के दौरान यह भी बड़ा तथ्य सामने आया कि शहर के तंग गलियों में सैकड़ों कोचिंग सेंटर बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पूरे जिले में मात्र लगभग 8 कोचिंग संस्थान ही विधिवत पंजीकृत हैं, जबकि बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के ही संचालित किए जा रहे हैं।
कई कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों में चल रहे हैं, जहां केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग होने की स्थिति पाई गई, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। कुछ स्थानों पर एक्सपायरी हो चुके अग्निशामक यंत्र भी पाए गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई।
सूत्रों के अनुसार, कई जगह जांच टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कोचिंग संस्थानों के गेट बंद कर दिए गए, जिससे निरीक्षण प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न हुई।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियों को दूर किया जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने कोचिंग संचालकों से अपील की है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करें। साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखें।
अधिकारियों ने कहा है कि इस प्रकार के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
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