इलाहाबाद बैंक चौराहा अरबों की संपत्ति को कूट रचित दस्तावेज तैयार कर हड़पने के आरोप में 17 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

झांसी। इलाहाबाद बैंक चौराहा पर पड़ी बेस कीमती जमीन पर का कई वर्षों से चल रहा विवाद आज फिर सुर्खियों में आ गया। थाना नवाबाद में इस अरबों की संपत्ति की जमीन के फर्जी कूट रचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के आरोप में 17 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश के जिला होशंगाबाद पिपरिया हाल निवासी इलाहाबाद बैंक चौराहा राघवेंद्र पालीवाल ने थाना नवाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि आरजी संख्या 294,287 की जमीन का नेविल रौनी दिक्क से फर्जी तरीके से तीस रुपए के स्टाम्प पर बैनामा कराकर रवि राय, संजय राय, अखिल राय, आशुतोष राय, अमित सिंह, श्रीमती शैली राय, नरेंद्र कौशिक, मयूर अग्रवाल, सुमित राय, ऋषभ राय, संजय निगम, फिरदौस पोस्टन, मोना हांडा, ने बे नामा कराकर जमीन हड़प ली ओर उस पर अवैध तरीके से कब्जा कर निर्माण कार्य कर लिया है। जबकि यह जमीन नॉन जेडीए है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 420.467.468,471,120 बी के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पूर्व में भी दर्ज है इसी जमीन को लेकर मुक़दमे

झांसी। आपको बता दे कि इस बेशकीमती जमीन के लिए कई लोगों के पास बैनामा है, आए दिन इस जमीन पर कब्जा दखल को लेकर विवादित स्थिति बनती है ओर लोग यह जमीन अपनी अपनी बताते है। इस प्रकरण में थाना नवाबाद में एक मुकदमा आठ लोगों के खिलाफ पूर्व में भी दर्ज हो चुका है।

शिकायतकर्ता शातिर अपराधी प्रवृति का एवं भूमाफिया,दर्ज रिपोर्ट 5 करोड़ की मांग पूरी न करने का नतीजा – आरोपीगण। आरोपीगणों ने 18/6/26 को जिलाधिकारी झांसी को दिए प्रार्थना पत्र में शिकायत करता का नाम लिखकर स्पष्ट किया था कि उक्त व्यक्ति के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूट रचना , के कई गंभीर मामले दर्ज हैं।जिसमें 5 अकेले थाना नंबाबाद में दर्ज हैं। उक्त व्यक्ति लगातार ब्लैक मेल करने को कोशिश में संलग्न रहा, लेकिन हम लोगों के ब्लैक मेल नहीं होने से खफ़ा उक्त भूमाफिया, अपराधी किस्म के व्यक्ति ने कुचक्र रच ह्म लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। उक्त व्यक्ति अन्य सिविल के मुकदमों में यह स्वीकार कर चुका हैं कि उसका आराजी नं 287/294 स्थित मौजा झांसी सिविल के किसी भी हिस्से पर कोई हक व अधिकार नहीं हैं लेकिन 5 करोड़ की मांग पूरी न देख वह झूठी शिकायतों से परेशान करने लगा। आरोपी गणों की इन बातों से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता हैं कि मामला मांग पूरी न होने का हैं?

Book 24 Jun 2026

 

 

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