राष्ट्रभक्त संगठन ने मंदिरों में बढ़ती चोरी, अवैध कोचिंग, नर्सिंग होम के खिलाफ कार्यवाही सहित तत्कालीन स्वाट टीम की संपत्ति की जांच की मांग की
झांसी। मंगलवार को राष्ट्रभक्त संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष अंचल अड़जरिया के नेतृत्व में मंदिरों में हुई चोरी, चेन स्नेचिंग, अवैध कोंचिग संचालन के सम्बन्ध में जिलाधिकारी झाॅसी के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा।मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि झाँसी के अंदर रक्सा थाना क्षेत्र अंतर्गत करौंदी माता मंदिर पर दान पेटी उखाड़ ले गए चोर परंतु ना तो दान पेटी बरामद हुई और न ही चोरी का माल। इसी तरह से सीपरी बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत मोदी के मंदिर से चोर जेवरात, बर्तन व नगदी चोरी कर ले गए जो करीब 3 लाख रुपए की चोरी हुई है। इसके अलावा 2014 से लगातार एक महिला गैंग सक्रिय है जो किसी भी सार्वजनिक होने वाली राम कथा भागवत कथा में चेन स्नेचिंग का काम करती है। दिसंबर माह में मेहंदी बाग में हुई कथा में इस गैंग के द्वारा सोने की चेन काटी गई। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि इस संबंध में तात्कालीन शहर कोतवाल को फोन लगाया की घटना घटित हो गई है तो विद्यासागर सिंह ने यह कहते हुए की एसपी सिटी मीटिंग ले रही हैं बाद में आता हूं लेकिन 4 दिन तक कोतवाल नहीं आए, दो सिपाही जरूर आते रहे चार दिन बाद चैकी इंचार्ज आए तहरीर को बदलवाया गया तब चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई । उन्होंने अपनी मांग रखते हुए बताया कि इसी तरह से अयोध्यापुरी कॉलोनी में भी चेन स्नेचिंग की घटना हुई जिसमें 6 सोने की चेन चोरी गई थी इसके बाद भी अन्य कथाओं में यह स्नैचिंग की घटनाएं हुई जैन समाज की निकली यात्रा में भी पांच महिलाओं की चेन इसी गैंग के द्वारा काटी गई परंतु अभी तक गैंग नहीं पकड़ी गई है, ऐसी गैंग का एनकाउंटर किए जाने की आवश्यकता है।
झांसी शहर बुंदेलखंड को सट्टा माफियाओं द्वारा जकड़ लिया गया है जिस पर कार्रवाई तो की गई परंतु एक सिपाही रजत सिंह जो इस संपूर्ण गैंग का लीडर है है वह छापा पड़ने के पहले अपने क्रेटा कार से तीन बैग लेकर भाग गया। 15-20 दिन बाद उसके द्वारा कोर्ट मे समर्पण कर दिया गया । पूर्व के एसपी सिटी को मैंने सट्टा माफियाओं के मोबाइल नंबर सहित संपूर्ण जानकारी दी थी परंतु कार्यवाही नहीं की गई आज पूरे बुंदेलखंड की युवा पीढ़ी घर से चोरी कर सट्टे में रूपया लग रही है, लोग बर्बाद हो रहे हैं, आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाते हुए बताया कि तत्कालीन एस0ओ0जी की पूरी टीम का संरक्षण चाहे गांजा बिक रहा हो, चाहे सट्टा खिलाया जा रहा हो, चाहे पशु तस्करी में संलिप्तता है, नही तो एसओजी प्रभारी का पहली बार जीआरपी में ट्रांसफर हुआ उन्हें रिलीव नहीं किया गया बल्कि सर्विलांस प्रभारी का चार्ज और दे दिया गया इसके बाद ललितपुर ट्रांसफर हुआ फिर भी रिलीव नहीं किया गया। उन्होंने बड़ा सवाल रखते हुए कहा कि आखिर क्यों बार बार तबादला होने के बावजूद भी रिलीव नहीं किया गया। वही उन्होंने मांग करते हुए कहा कि रजत सिंह के तार सीधे दुबई में बैठे सट्टा माफिया से जुड़े हुए हैं 600 करोड़ से ज्यादा के सट्टे का अनुमान एस0एस0पी झांसी का स्वयं है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि डीजीपी स्तर से विशेष जांच दल का गठन करा कर सट्टा माफियाओं की कमर तोड़ी जाए । जैसा कि कहा गया था कि गैंगस्टर की कार्रवाई होगी, संपत्तियों को जप्त किया जायेगा वैसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सट्टा माफिया सट्टे में रूपया कमा कर जमीन के व्यापार में लगा रहे हैं और अपने लोगों के नाम जमीन खरीद कर प्लाटिंग कर बेच रहे हैं। एसओजी की पूरी टीम कि आय अधिक संपत्ति की भी जांच कराई जाए जिससे रक्षा करने वाले ही भक्षक ना बन पाए और बुंदेलखंड की जनता को राहत मिल सकें। उन्होंने ज्ञापन में मांग करते हुए कहा कि इसी तरह बेसमेंट के अंदर झांसी में अवैध नर्सिंग होम कोचिंग सेंटर व्यापारिक गतिविधियां चल रही हैं यह सब संबंधितों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण चल रही है इन पर कार्यवाही की जाए।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से जिला संयोजक अर्पित शर्मा, सुनील गोस्वामी, सोनू, दीपक वर्मा, राघवेन्द्र चैधरी, अरविन्द चैधरी, धनराज कोष्टा, राहुल गोस्वामी, आशुतोष द्विवेदी, सोनू रायकवार, साहिल मिश्रा, तरूण, अभिषेक श्रीवास्तव, नीरज, नरेन्द्र कुशवाहा, दिनेश कुशवाहा, राहुल भगत, अभिषेक प्रजापति, कौशल किशोर राजपूत, बलवीर महाराज महंत झरनापति, सुमित कोष्टा, मोनू डीजे, नरेन्द्र डीजे, आकाश डीजे आदि उपस्थित रहे।










