वीरता की धरती झांसी लिख रही विकास की नई इबारत, BIDA; डिफेंस कॉरिडोर और ‘हर घर जल’ से बदली बुंदेलखंड की तस्वीर

झांसी, जो कभी पानी की कमी के लिए जाना जाता था, अब BIDA, डिफेंस कॉरिडोर और जल जीवन मिशन जैसी पहलों से विकास का नया अध्याय लिख रहा है। यह शहर आधुनिक सड़कों, औद्योगिक पार्कों और आत्मनिर्भरता के साथ ‘बढ़ते उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है।

 झांसी। उत्तर प्रदेश का झांसी जिला, जो अपनी वीरता, रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान और गौरवशाली इतिहास के लिए पूरे विश्व में विख्यात है, आज विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। कभी पानी की कमी, सूखे की मार और युवाओं के पलायन के लिए चर्चा में रहने वाला यह जिला अब आधुनिक सड़कों, औद्योगिक पार्कों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Self-reliance) के साथ ‘बढ़ते उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है。

उत्तर प्रदेश का नया और ऐतिहासिक ‘ग्रीनफील्ड’ शहर

झांसी के विकास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक पहचान ‘बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण’ (BIDA) है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर गठित किया गया यह नया ‘औद्योगिक शहर’ (Industrial Smart City) झांसी से 12 किलोमीटर की दूरी पर लगभग 56,600 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह उत्तर प्रदेश में पिछले 47 सालों के बाद विकसित होने वाला पहला इतना बड़ा ‘ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर’ शहर है।

इस शहर की भूमि का उपयोग इस प्रकार किया गया है:

  • औद्योगिक उपयोग: 33 प्रतिशत भूमि पर विभिन्न प्रकार के उद्योग और फैक्ट्रियां लगाई जा रही हैं।

  • आवासीय और ग्रुप हाउसिंग: 19 प्रतिशत भूमि पर आधुनिक आवासीय परिसर बनाए जा रहे हैं।

  • ग्रीन एरिया: 27 प्रतिशत भूमि को पर्यावरण के अनुकूल ‘ग्रीन’ रखा गया है।

  • संस्थान: 3 प्रतिशत भूमि पर शैक्षणिक और अन्य संस्थान बनाए जा रहे हैं।

  • डिफेंस कॉरिडोर: भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) का नया नोड

    झांसी अब केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, यह देश की सुरक्षा को मजबूत करने का भी एक मुख्य केंद्र बन गया है। उत्तर प्रदेश के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (Defense Industrial Corridor) के तहत झांसी नोड में रक्षा उत्पादन की बड़ी इकाइयां लग रही हैं। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) जैसी बड़ी सरकारी कंपनी यहाँ सेना के लिए ‘मिसाइल प्रोपल्शन सिस्टम’ और आधुनिक हथियार बनाने के प्लांट पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इसके अलावा, बीईएमएल (BEML) और रेफी (REFI) जैसी बड़ी कंपनियों के निवेश आने से बुंदेलखंड में रोजगार और व्यापार की पूरी तस्वीर बदल रही है।

  • जल जीवन मिशन: ‘हर घर नल से जल’ की क्रांति

    बुंदेलखंड का नाम सुनते ही कभी पानी की किल्लत और प्यासे चेहरे सामने आते थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जल जीवन मिशन’ ने झांसी की इस नियति को हमेशा के लिए बदल दिया है। पथरीली और पहाड़ी जमीन होने के बावजूद यहाँ नदियों से पानी लाकर उसे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (Water Treatment Plant) में फिल्टर कर अब गांव-गांव तक पहुँचाया जा रहा है। ‘गुलारा ग्राम समूह पेयजल योजना’ के तहत बेतवा और धसान जैसी नदियों से पानी लाकर शुद्ध किया जाता है और फिर पाइपलाइनों के माध्यम से हजारों ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाया जा रहा है।

    कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती

    झांसी की प्रगति का मुख्य आधार यहाँ का मजबूत सड़क और रेलवे नेटवर्क है।

    • कनेक्टिविटी: झांसी देश के दो सबसे बड़े हाईवे—’उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर’ (कश्मीर से कन्याकुमारी) और ‘पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर’ (पोरबंदर से सिलचर)—का क्रॉसिंग पॉइंट है, जो इसे पूरे देश से जोड़ता है। इसके अलावा, बीडा को जोड़ने के लिए एक नया ‘लिंक एक्सप्रेसवे’ भी बनाया जा रहा है।

    • स्मार्ट सिटी और रेलवे: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सड़कों का चौड़ीकरण, भूमिगत केबलिंग और ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ स्थापित किया गया है। इसके साथ ही, रेलवे कोच फैक्ट्री और ‘एमएलआर वर्कशॉप’ ने यहाँ के सैकड़ों युवाओं को रोजगार दिया है।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन का नया केंद्र

    झांसी में विकास केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और स्वास्थ्य का भी बड़ा केंद्र बन रहा है। यहाँ का ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज और 322 टीपीडी का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर अस्पताल लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में, मेजर ध्यानचंद म्यूजियम (Major Dhyan Chand Museum) और स्पेस म्यूजियम (Space Museum) जैसे नए आधुनिक आकर्षण बच्चों और युवाओं में ज्ञान और खेल के प्रति नया जोश भर रहे हैं।

    झांसी आज स्पष्ट रूप से यह साबित कर रहा है कि रानी लक्ष्मीबाई के स्वाभिमान की यह धरती अब आत्मनिर्भरता की एक नई गाथा लिख रही है। बीडा की औद्योगिक क्रांति, डिफेंस कॉरिडोर की ताकत और हर घर तक पहुँचते जल ने झांसी को ‘बढ़ता यूपी, दौड़ता भारत’ की विकास यात्रा का एक अग्रदूत बना दिया है।

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